ताजा खबर

सिलगेर व हसदेव मामले में आदिवासी मंत्री-विधायकों का रवैया गैर जिम्मेदाराना- हुपेण्डी
16-May-2022 6:30 PM
सिलगेर व हसदेव मामले में आदिवासी मंत्री-विधायकों का रवैया गैर जिम्मेदाराना- हुपेण्डी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 16 मई। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व आदिवासी नेता कोमल हुपेण्डी ने कहा है कि बस्तर के आदिवासी विगत एक साल से अपने हक के लिए सिलगेर में आंदोलन कर रहे हैं, दूसरी तरफ हसदेव अरण्य को बचाने के लिए विगत दस साल से वे आवाज बुलंद कर रहे हैं। दो मार्च से सरगुजा जिले के हरिहरपुर गांव में आंदोलनरत हैं लेकिन छत्तीसगढ़ के आदिवासी मंत्री-विधायक इन मुद्दों पर बोलना भी मुनासिब नहीं समझते हैं।

हुपेण्डी ने कहा कि बस्तर संभाग में गोंडवाना समाज समन्वय समिति द्वारा आयोजित भूमकाल महासभा में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कवासी लकमा, केशकाल विधायक संतराम सलाम व बीजापुर विधायक विक्रम शाह मण्डावी बतौर अतिथि उपस्थित रहे लेकिन अपने उद्बोधन में सिलगेर पीड़ितों व आन्दोलनकारियों को न्याय दिलाने के लिए कोई बात नहीं रखी। हसदेव अरण्य में आदिवासियों को अपनी पैतृक भूमि से उजाड़ा जा रहा है। जंगल काटे जा रहे हैं। प्राकृतिक सम्पदा, संस्कृति और सभ्यता नष्ट की जा रही है, किंतु इन मुद्दों पर आवाज उठाने के बजाय मंत्री-विधायक अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। आदिवासियों की शिक्षा का स्तर सुधारने व आर्थिक विकास के मामले में भी आदिवासी विधायक मौन बैठे हैं। यह मंत्री कवासी लकमा सहित आदिवासी विधायकों की नाकामियों को दर्शाता है। कोमल हुपेण्डी ने कहा कि आने वाले समय में आदिवासी समाज ऐसे गैरजिम्मेदार मंत्री-विधायकों को सबक सिखाएगी।

हुपेण्डी के बीजापुर प्रवास के दौरान कांग्रेस पार्टी छोड़कर आए किरण चापा व बहुजन समाज पार्टी छोड़कर आए राजंती मोडमा, लच्छू उरसा, सहदेव मोरला आदि ने आप की सदस्यता ली। इस दौरान जिला अध्यक्ष सतीश मण्डावी, विधानसभा अध्यक्ष अनिल दुर्गम, रोहित यालम, रामलू मोरला, गोपाल जुमड़े सहित पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।


अन्य पोस्ट