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गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी ने ज़मानत मिलने के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा है कि उनती गिरफ़्तारी क़ानून के ख़िलाफ़ है. ये एक ऐसी साज़िश है जो प्रधानमंत्री कार्यालय में रची गई.
उन्होंने कहा, “मुद्रा एयरपोर्ट पर 1 लाख 75 हज़ार का ड्रग्स पकड़ा गया, लेकिन गौतम अडानी के ख़िलाफ़ कोई केस और जाँच नहीं. गुजरात बीजेपी की एक दलित महिला कार्यकर्ता ने बीजेपी के मंत्री पर रेप का आरोप लगाया उसकी जाँच नहीं हो रही है.”
“मैंने क्या कहा था यही कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दौरे पर आएँ, तो गांधी का मंदिर बनाने वाले मोदी जी गुजरात में सांप्रदायिक हिंसा के बीच लोगों से शांति की अपील करें. मैंने तो दंगा-फ़साद ना करने की अपील की थी. मुझे बताया जाए कि देश के पीएम से शांति की अपील करने के लिए कहना किस क़ानून के तहत अपराध है.”
“मेरी गिरफ़्तारी क़ानून के ख़िलाफ़ है. ये एक ऐसी साज़िश है जो प्रधानमंत्री कार्यालय में रची गई”
गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी को प्रधानमंत्री से जुड़े एक ट्वीट के संबंध में असम पुलिस ने गिरफ़्तार किया था. अब उन्हें इस मामले में ज़मानत पर रिहा किया गया है. इसके बाद उन्हें महिला पुलिसकर्मी पर हमला करने के आरोप में भी गिरफ़्तार किया था. लेकिन अब उन्हें इस मामले में भी ज़मानत मिल गई है. (bbc.com)


