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'छत्तीसगढ' संवादददाता
रायगढ़, 7 अप्रैल। घरघोड़ा में घायल चीतल की मौत के मामले में वन विभाग की भारी लापरवाही उजागर हुई है। रेस्क्यू किये जाने के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घरघोड़ा के जंगल से भटकते हुए यह चीतल छोटे गुमड़ा गांव में बस्ती के बीच पहुंच गया था। वन कर्मचारियों की लंबी हड़ताल की वजह से वन्य प्राणियों के लिए जंगल में आहार विशेषकर पानी की व्यवस्था नहीं हो रही है और वे गांवों की ओर घुसकर भटक रहे हैं। इन्हें सुरक्षित वापस में जंगल लौटाने के लिए भी वन विभाग के अफसर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर रहे हैं।
छोटे गुमड़ा में घुसा चीतल गांव में लोगों को देखकर दहशत में आ गया और वह एक गड्ढे में गिर गया। वन विभाग के प्रशिक्षित कर्मियों के अभाव में गांव के ही लोगों ने एक्सीवेटर लाकर चीतल को बाहर तो निकाल लिया लेकिन इस दौरान वे सावधानी नहीं रख पाए और बाहर निकलने के बाद चीतल की मौत हो गई।
ज्ञात हो कि प्रदेशभर के मैदानी वन कर्मचारी बीते 21 मार्च से आंदोलन कर रहे हैं।


