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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 6 अप्रैल। छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल का एक सेवानिवृत्त कर्मचारी 12.30 लॉक रुपए की ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। शिकायत के करीब 15 दिन बाद पुलिस ने एफ आई आर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।
सरकंडा क्षेत्र के जगदंबा कॉलोनी में सीएसईबी के रिटायर्ड कर्मचारी जॉन नेल्सन रहते हैं। उनके मोबाइल फोन पर एक अनजान कॉल आया जिसने खुद को रायपुर का योगेंद्र साहू बताया और उनसे पूर्व का परिचित होने का हवाला दिया। फोन करने वाले ने रियल एस्टेट के कारोबार में अच्छा मुनाफा देने का ऑफर दिया। नेल्सन उसके झांसे में आ गया। फोन करने वाले ने उससे बैंक की डिटेल, यूपीआई आईडी और प्रोफाइल पासवर्ड मांग लिया। जैसे ही नेलसन ने सारी डिटेल भेजी, कुछ ही देर के भीतर उनके मोबाइल फोन पर उनके दो बैंक खातों से 12 लाख 30 हजार रुपए के भुगतान का मैसेज आया। इससे वे हड़बड़ा गए। बैंक जाकर पता किया तो मालूम हुआ कि उनके अकाउंट से यह रकम किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर करा ली गई है। ठगी का शिकार होने पर उन्होंने बीते 19 मार्च को सरकंडा थाने में घटना की शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद कल 5 अप्रैल को पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
इसी तरह ठगी के दो और मामले सामने आए हैं। सिरगिट्टी इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित नर्मदा कोल्ड ड्रिंक्स के मैनेजर जूना बिलासपुर निवासी श्रीकांत थवाईत के पास एक अनजान फोन क्रेडिट कार्ड को एक्टिवेट करने के लिए आया। फोन करने वाले ने झांसा देकर थवाईत से बैंक डिटेल हासिल कर ली। कुछ ही देर में ठग ने उनके खाते से एक लाख 33 हजार रुपए पार कर दिए। कोतवाली पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज किया है।
ग्राम खजुरी के सरपंच से 49000 रुपये की ऑनलाइन ठगी की शिकायत पुलिस ने दर्ज की है। एक अनजान व्यक्ति ने खुद को नल जल योजना का ठेकेदार बताकर फोन किया और पानी टंकी को चालू कराने के नाम पर 49000 रुपए ट्रांसफर करने के लिए एक अकाउंट नंबर दिया। सरपंच सूरज कुमार कोसले (28 वर्ष) ने झांसे में आकर बताए गए अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दिए। ठगी का अहसास होने पर उसने एफआईआर दर्ज कराई है।


