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'अमर उजाला' अख़बार ने भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र पर आई विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट को प्रकाशित किया है.
अख़बार लिखता है कि भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र में काफ़ी तरक्की की है, लेकिन यहां एक जैसे बदलाव नज़र नहीं आ रहे हैं. पिछले दो साल से कोरोना महामारी का मुकाबला कर रहा भारत बीमारियों का दोहरा बोझ झेल रहा है. राज्यों में स्वास्थ्य को लेकर किए जा रहे कार्यों में काफी असमानता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकारी क्षेत्र में जहां सुविधाएं काफ़ी कम हैं, वहीं निजी क्षेत्र में इलाज काफ़ी महंगा है. इन सबसे अधिक चिंताजनक बात यह है कि देश में लोगों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना काफी कठिन है.
WHO ने कहा है कि भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र में एक जैसे बदलाव दिखाई नहीं दे रहे हैं. देश में निजी स्वास्थ्य क्षेत्र का काफ़ी तेज़ी से विस्तार हुआ है लेकिन यहां मरीज़ों का उपचार काफ़ी महंगा है और बड़ी आबादी को देखते हुए सभी परिवारों के लिए यह काफ़ी जटिल भी है. हालांकि यहां गुणवत्ता युक्त उपचार मिलना भी कठिन है. इसे लेकर भारत में एक मज़बूत विनियमन की आवश्यकता भी है. (bbc.com)


