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हाईकोर्ट में स्मार्ट सिटी कंपनियों से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई अब कल होगी
09-Mar-2022 9:44 AM
हाईकोर्ट में स्मार्ट सिटी कंपनियों से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई अब कल होगी

स्मार्ट सिटी कंपनियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी देने वाले थे दलील

मेयर इन काउंसिल और सामान्य सभा ने दाखिल किया जवाब- अधिकार दिलाने की मांग

बिलासपुर, 9 मार्च। हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस अरूप गोस्वामी और जस्टिस गौतम चौरड़िया की पीठ ने बिलासपुर और रायपुर नगर निगमों की निर्वाचित संस्थाओं के अधिकारों को हड़प कर स्मार्ट सिटी कम्पनियों द्वारा कार्य करने का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई मंगलवार को समय समाप्त होने के कारण टाल दी। अब यह सुनवाई 10 मार्च को होगी। स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी पक्ष रखना चाहते थे।    

गौरतलब है कि बिलासपुर के अधिवक्ता विनय दुबे की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव और गुंजन तिवारी ने जनहित याचिका कर बिलासपुर और रायपुर नगर में कार्यरत स्मार्ट सिटी लिमिटेड कम्पनियों को इस आधार पर चुनौती दी है कि इन्होंने निर्वाचित नगर निगमों के सभी अधिकारों और क्रियाकलापों का असंवैधानिक रूप से अधिग्रहण कर लिया है। जबकि ये सभी कंपनियां विकास के वही कार्य कर रही हैं, जो संविधान के तहत संचालित प्रजातांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचित नगर निगमों के अधीन है। विगत 5 वर्षो में कराये गये कार्य की प्रशासनिक या वित्तीय अनुमति नगर निगम, मेयर, मेयर इन काउंसिल या सामान्य सभा से नहीं ली गई है।

केन्द्र सरकार ने जवाब में माना कि ये दोनों कंपनियां उन्हीं कार्यो को अंजाम दे सकती है,  जिसकी अनुमति नगर निगम दे। साथ ही इन कंपनियों के निदेशक मंडल में राज्य सरकार और नगर निगम के बराबर-बराबर प्रतिनिधि होने चाहिए। वर्तमान में इन दोनों कंपनियों के 12 सदस्यीय निदेशक मंडल में नगर निगम आयुक्त के अलावा कोई भी नगर-निगम का प्रतिनिधि नहीं है। इसके विपरीत स्मार्ट सिटी कंपनियों की ओर से उन्हें स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अधिकार होने की दलील दी जा रही है।

बिलासपुर और रायपुर नगर निगमों की निर्वाचित संस्थाओं मेयर इन काउंसिल और सामान्य सभा ने अपने जवाब दाखिल कर दिए हैं। इसमें उन्होंने कहा है कि स्मार्ट सिटी कम्पनी को नगर निगम अधिनियम के तहत कार्य करना चाहिए और निर्वाचित संस्थाओं को अधिकार मिलने चाहिए।  


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