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नया रायपुर, 7 मार्च। पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव की अध्यक्षता में मंत्रालय में पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों का विस्तार नियम, 2021 एवं अन्य राज्यों के पेसा नियमों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया।
इस बैठक में चर्चा का मुख्य विषय रहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में गौण खनिजों के लिए पुर्वेक्षण लाइसेंस या खनन पट्टा प्रदान करने से पहले उचित स्तर पर ग्राम सभा या पंचायतों की अनुमति को अनिवार्य किया जाएगा, नीलामी द्वारा और खनिजों के दोहन के लिए रियायत प्रदान करने के लिए उपयुक्त अवसर पर ग्राम सभा या पंचायतों की पूर्व सिफारिश अनिवार्य की जाएगी, ग्राम सभा लोगों की परंपराओं और रीति-रिवाजों को सुरक्षित रखने और उनकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने के लिए सक्षम होगी, क्षेत्रों में लघु जल निकाय की योजना और प्रबंधन उचित स्तर पर पंचायत को सौंपा जाएगा इन सभी विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करने के उपरांत सिंहदेव ने विभागीय अधिकारियों को अपने सुझाव दिए।
मंत्रि-परिषद संक्षेपिका छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों का विस्तार) नियम, 2021 का प्रारूप पर अभिमत पर हुई चर्चा
इस बैठक में पंचायत मंत्री श्री सिंहदेव ने उपरांत 14 अनुसूचित जिलों और 06 आंशिक अनुसूचित जिलों में ग्राम सभा की संरचना शक्ति तथा कार्य प्रणाली, नए ग्राम का गठन, ग्राम सभा की संरचना ग्राम सभा की शक्तियां और कार्य, ग्राम सभा का अध्यक्ष, ग्राम पंचायत सचिव का कार्य, ग्राम सभा के प्रति कर्तव्य एवं दायित्व, ग्राम सभा की बैठकों की तारीख स्थान व समय, ग्राम सभा की गणपूर्ति/कोरम, निर्णय लेने का तरीका, ग्राम सभा की अभिलेख संधारण प्रक्रिया ग्राम सभा की संयुक्त बैठक ग्राम सभा के निर्णय पर आपत्ति ग्राम सभा के निर्णय पर की अवहेलना ग्राम सभा की समिति समानांतर निकाय महिला सभा एवं अन्य सभा की बैठक ग्राम सभा की रिपोर्ट संसाधन योजना और प्रबंधन समिति शांति एवं न्याय, जिला जनजातीय मंत्रणा परिषद समेत महाराष्ट्र, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश व आंध्र प्रदेश मॉडल पेसा की तुलनात्मक समीक्षा की।


