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रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में गेहूं के कीमतें बढ़ने से भारतीय किसानों को फायदा हो सकता है.
अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के मुताबिक, इससे न सिर्फ़ भारतीय किसानों को उनकी फ़सल के अच्छे दाम मिलने की संभावना है बल्कि सरकार को भी एमएसपी पर कम फसल खरीदनी होगी, क्योंकि निजी ख़रीदार ज़्यादा से ज़्यादा फसल सीधे किसानों से ही ख़रीदेंगे, जिससे आर्थिक बोझ घटेगा.
केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने शनिवार को बताया कि सरकार को उम्मीद है कि गेहूं की कीमतें बढ़ने से भारत का निर्यात भी बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि फ़रवरी माह के अंत तक भारत के खाद्यान्न का निर्यात 66 लाख टन था. यह 2013-14 में अब तक के सबसे ज़्यादा हुए निर्यात 65 लाख टन से भी ज़्यादा है. मार्च अंत तक ये आंकड़ा 70 लाख टन तक पहुंच सकता है.
रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद विश्व में गेहूं का निर्यात 30 फ़ीसदी तक घटा है जिससे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में गेहूं की कीमत रिकॉर्ड ऊंचाई छू रही है. (bbc.com)


