कोरबा
हसदेव महासम्मेलन में बोले पूर्व डिप्टी सीएम, आदिवासियों के हक की लड़ाई जारी रहेगी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 25 मई। विस्थापित आदिवासी हसदेव जलाशय संघर्ष समिति द्वारा बुका में आयोजित महासम्मेलन में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने प्रदेश सरकार पर पेसा कानून को प्रभावी ढंग से लागू नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान आदिवासी क्षेत्रों में अधिकार आधारित शासन व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से पेसा कानून को प्रमुखता से लागू करने की दिशा में कार्य किया गया था, लेकिन सरकार बदलने के बाद इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई।
टीएस सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पेशा कानून में ग्राम सभाओं को मजबूत करने के लिए विशेष प्रावधान किए थे। आदिवासी जनपदों की पंचायतों में महिला और पुरुष ग्राम सभा अध्यक्षों की चक्रीय व्यवस्था लागू करने का प्रयास किया गया था। साथ ही गांव के तालाबों और स्थानीय संसाधनों पर पहला अधिकार गांव के लोगों को देने का प्रावधान रखा गया था। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन और बांधों से मछली पकडऩे का अधिकार भी स्थानीय निवासियों का है, जिसका उल्लेख कानून में स्पष्ट रूप से किया गया है।
उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों का अधिकार है। यदि विकास कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहित होती है, तो वन उत्पादों पर निर्भर रहने वाले लोगों को मुआवजा और वैकल्पिक आजीविका उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस हमेशा आदिवासियों और स्थानीय निवासियों के हक की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
महासम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, डॉ. प्रेमसाय सिंह, विधायक जनक राम ध्रुव, सामाजिक कार्यकर्ता आलोक शुक्ला सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


