कोण्डागांव
कोंडागांव, 8 मई। शिक्षक एलबी संवर्ग के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिए जाने संबंधी मामले में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की है। एसोसिएशन का कहना है कि यह कदम बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ संभावित अपील को देखते हुए उठाया गया है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष ऋषिदेव सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट में लंबित मामलों में संविलियन पूर्व सेवा अवधि को पेंशन के लिए मान्य किए जाने संबंधी फैसलों के बाद संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने की तैयारी की है। उनके अनुसार, कैविएट 5 मई को सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ऑन रिकॉर्ड आशुतोष घड़े के माध्यम से दायर की गई।
एसोसिएशन के अनुसार, यह कैविएट छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा डब्ल्यूपीएस क्रमांक 5699/2021 तथा डब्ल्यूए क्रमांक 325/2006 में दिए गए फैसलों से संबंधित है। संगठन का कहना है कि यदि राज्य सरकार या अन्य पक्ष इन फैसलों के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका दायर करते हैं, तो कैविएट के कारण सुप्रीम कोर्ट शिक्षकों का पक्ष सुने बिना कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं करेगा।
जिला अध्यक्ष ऋषिदेव सिंह और प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि संगठन शिक्षकों के पेंशन संबंधी मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य हाईकोर्ट के निर्णय को बरकरार रखना है। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि कैविएट दायर करने का खर्च संगठन द्वारा वहन किया गया है और इसके लिए किसी शिक्षक से राशि नहीं ली गई है। संगठन ने शिक्षकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इस नाम पर राशि एकत्र करने का प्रयास करे तो सतर्क रहें।
कहा गया है कि संगठन संविलियन पूर्व प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना और पूर्ण पेंशन की मांग को लेकर सरकार से विभिन्न स्तरों पर चर्चा करने का प्रयास करेगा।
संगठन की ओर से जारी जानकारी में कई याचिकाकर्ताओं के नाम भी शामिल किए गए हैं, जिनकी याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी।
एसोसिएशन के अनुसार, हाईकोर्ट के विभिन्न आदेशों में संविलियन पूर्व सेवा को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किए जाने, सेवा निरंतरता और संवैधानिक प्रावधानों पर टिप्पणी की गई है। हालांकि, इन फैसलों के अंतिम कानूनी प्रभाव पर सुप्रीम कोर्ट में संभावित सुनवाई के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।


