कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 25 फरवरी। छत्तीसगढ़ के बजट 2026 को लेकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेन्द्र देवांगन ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बजट से प्रदेश के युवाओं और किसानों में निराशा का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से जो उम्मीदें थीं, बजट उन पर खरा नहीं उतरा और कई योजनाओं में व्यावहारिक उपयोगिता कम दिखाई देती है।
देवांगन ने कहा कि लंबे समय से स्कूलों के रसोइयों की हड़ताल जारी है और बच्चों को सूखा राशन दिया जा रहा है, लेकिन इस समस्या पर कोई ठोस पहल नहीं दिखी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपनी पूर्व घोषणाओं को लागू करने में सफल नहीं रही है। उन्होंने बढ़ती महंगाई, धान खरीदी की व्यवस्था, बिजली दरों में राहत और युवाओं के लिए स्थायी रोजगार जैसे मुद्दों पर स्पष्ट रोडमैप न होने की बात कही। उनके अनुसार प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ रही है, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव में हैं, जबकि किसानों को लागत और लाभ के अंतर से जूझना पड़ रहा है।
देवांगन ने शिक्षक भर्ती और रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में शिक्षक भर्ती की घोषणा के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई, वहीं बीएड अभ्यर्थियों और संविदा कर्मचारियों की मांगों पर भी ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी बजट में स्पष्ट दिशा नहीं दिखती और चुनावी वादों पर अमल नहीं हो रहा। यह बजट गांव, गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं की प्राथमिक जरूरतों को केंद्र में रखने में असफल साबित हुआ है। यह प्रतिक्रिया छत्तीसगढ़ सरकार के बजट 2026 को लेकर दी गई है, जिस पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार काम कर रही है।


