कोण्डागांव

छत्तीसगढ़ बजट: समावेशी विकास और अधोसंरचना पर जोर - मनीष सोनी
25-Feb-2026 10:06 PM
छत्तीसगढ़ बजट: समावेशी विकास और अधोसंरचना पर जोर - मनीष सोनी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोण्डागांव, 25 फरवरी। कोण्डागांव के चार्टर्ड अकाउंटेंट मनीष सोनी ने राज्य के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह बजट दीर्घकालिक विकास, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में तैयार किया गया है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 24 फरवरी को छत्तीसगढ़ विधानसभा में 1.72 लाख करोड़ का बजट पेश किया, जो संकल्प थीम पर आधारित है और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के विजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

मनीष सोनी के अनुसार इस बजट में राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में राज्य की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर 12.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि राजकोषीय घाटा नियंत्रित सीमा के भीतर रखा गया है।

 शिक्षा, ग्रामीण विकास, कृषि और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों को बड़े पैमाने पर वित्तीय आवंटन दिया गया है, जिसमें स्कूल शिक्षा विभाग को सर्वाधिक राशि प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि इस बजट की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा रानी दुर्गावती योजना है, जिसके तहत बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यटन, खेल, अधोसंरचना और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए पांच नए फ्लैगशिप मिशन शुरू करने का निर्णय लिया है, जिन पर आगामी वर्षों में नियमित निवेश किया जाएगा।

विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों के विकास के लिए अलग से प्रावधान किए गए हैं। शिक्षा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए एजुकेशन सिटी की स्थापना, इंद्रावती नदी पर बैराज निर्माण और डिजिटल कनेक्टिविटी विस्तार जैसे कार्य प्रस्तावित हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा, सिंचाई और संचार व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। मनीष सोनी ने बताया कि किसानों और आम जनता को राहत देने के लिए ऊर्जा सब्सिडी, ग्रामीण आवास योजना तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट रखा गया है। औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नए औद्योगिक पार्क स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। महिलाओं को संपत्ति पंजीयन शुल्क में छूट और सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसे प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

 

उन्होंने कहा कि यह बजट सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से विकास सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि प्रस्तावित योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू होती हैं तो राज्य की आर्थिक और सामाजिक संरचना में व्यापक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


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