खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
खैरागढ़, 2 मई। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजनांदगांव के निर्देशानुसार ग्राम भरदाकला में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में श्रमिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मोहनी कंवर से जुड़े। उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस लाखों मजदूरों के परिश्रम, दृढ़ निश्चय और निष्ठा का दिवस है। मजदूर देश के निर्माण और विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पॉक्सो एक्ट, मोटर यान अधिनियम और बाल विवाह निषेध अधिनियम से संबंधित जानकारी भी दी। कार्यक्रम में पैरा लीगल वालंटियर गोलूदास साहू ने श्रमिकों से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रमिकों के कार्य के घंटे निर्धारित हैं और उल्लंघन पर सजा का प्रावधान है। बंधुआ मजदूरी गैरकानूनी है तथा 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है। उन्होंने श्रम से जुड़े विभिन्न कानूनों की जानकारी भी दी। उन्होंने न्यायालय में उपलब्ध नि:शुल्क विधिक सहायता के बारे में बताया और कहा कि महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्य, आपदा पीडि़त, मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं एचआईवी से प्रभावित व्यक्तियों को नि:शुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है।
कार्यक्रम में श्रमिकों को विधिक सेवाओं, योजनाओं और श्रम कार्ड से संबंधित जानकारी दी गई।
इस अवसर पर सरपंच शेखर दास कुर्रे, पैरा लीगल वालंटियर गोलूदास साहू सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में श्रमिकों को मिठाई वितरित की गई।


