खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
खैरागढ़, 16 फरवरी।. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार को रुख्खड़ स्वामी मंदिर परिसर में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। तडक़े भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर में लग गईं और देर रात तक जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक तथा बिल्वपत्र अर्पण का सिलसिला निरंतर चलता रहा। पूरे दिन हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा।
महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रात: 4 बजे से ही विशेष प्रहर पूजा आरंभ हुई, जो पूरी रात चलती रही। विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में द्वादश ज्योतिर्लिंग पूजन, महारुद्राभिषेक और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का अभिषेक संपन्न हुआ। दूध, दही, घृत, शहद, गंगाजल और पवित्र जल से शिवलिंग का अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और क्षेत्र की शांति की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की।
दिन चढऩे के साथ श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। आसपास के गांवों के साथ-साथ दूरदराज से भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं, जिससे व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती रहीं। स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं को प्रसाद, पेयजल और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया।
10 फरवरी से चल रहे यज्ञ की पूर्णाहुति
मंदिर परिसर में 10 फरवरी से चल रहे महामृत्युंजय यज्ञ की पूर्णाहुति भी महाशिवरात्रि के दिन विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। यज्ञ में विश्व कल्याण, क्षेत्र की उन्नति और जनकल्याण की कामना की गई। पूर्णाहुति के पावन क्षण में उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से आहुति देकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
रात में विशेष भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें भक्ति गीतों और शिव स्तुति से वातावरण देर रात तक गूंजता रहा। मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा, पुष्पों और ध्वजों से सजाया गया था, जिससे पूरा परिसर दिव्य दिखाई दे रहा था। श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक शांति का अनुपम अनुभव बताया
महोत्सव के समापन दिवस सोमवार को मंदिर परिसर में विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही नि:शुल्क कैंसर जांच सहित मेगा मेडिकल शिविर भी आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सक आम नागरिकों की स्वास्थ्य जांच करेंगे। आयोजन समिति ने बताया कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा और जनजागरूकता का भी माध्यम है। समिति ने श्रद्धालुओं, यजमानों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म और सेवा के इस पावन आयोजन का भागीदार बनने की अपील की है।


