खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
खैरागढ़, 27 नवंबर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वावधान में संविधान दिवस के अवसर पर बुधवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बढ़ईटोला में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
तालुक विधिक सेवा समिति खैरागढ़ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को वीसी के माध्यम से जुडक़र संबोधित करते हुए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मोहनी कंवर ने कहा कि हमारे देश में संविधान ही सर्वोपरि है। संविधान की जानकारी छात्रों व आम लोगों को भी होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे संविधान के प्रति जागरूक हों संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन संबंध में कहा कि उस महामानव के जीवन संघर्षों कार्यों से हमें सीख लेनी चाहिए कि वह किस प्रकार से शून्य से शिखर तक की यात्रा किए।
आगे पीएलवी गोलूदास साहू ने विद्यार्थियों को कानूनी विषयों की जानकारी देते हुए भारत में कानून निर्माण की प्रक्रिया, विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका के कर्तव्य, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, कानूनी प्रक्रिया, गुड टच बैड टच, पोक्सो एक्ट नि:शुल्क विधिक सलाह व सहायता योजना, बाल विवाह मुक्त भारत अंतर्गत बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल मजदूरी, मोटरयान दुर्घटना दावा प्रकरण,लोक अदालत, मौलिक अधिकार, मोबाईल के लाभ-हानि, बच्चों में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति एवं अपराधों के संबंध में विस्तारसे जानकारी दी।
साथ ही आगे साहू ने भारतीय संविधान के विधिक प्रावधानों के बारे में बताते हुए कहा- हमारा संविधान सामाजिक सौहार्द, सद्भाव तथा समानता लाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। भारतीय संविधान के निर्माण, महत्व एवं विशेषताओं से परिचित कराया। साथ ही संविधान की उद्देशिका का पाठन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन पैरालीगल वालंटियर गोलूदास ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने , प्राचार्य चंद्रभान साहू सहित शिक्षकगण अनामिका ठाकुर, दीप्ति सिकरवार, कमलेश देवांगन, अनीता वर्मा, रानी यादव, दीपिका कंवर, मोनिका देवांगन, सरस्वती कुर्रे, मीनल वाजपेई, विभा पाटकर, विक्रम देवांगन, जसवंत मांडवी ,पीएलवी गोलूदास, व बड़ी संख्या में छात्रगण उपस्थित रहे।


