जशपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जशपुरनगर, 4 अप्रैल। गुड फ्राइडे के अवसर पर जिलेभर में प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर बलिदान की स्मृति में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं और श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
प्रार्थना सभाओं के दौरान ‘सात वाणियों’ पर आधारित भक्ति गीत प्रस्तुत किए गए। इस दौरान श्रद्धालु प्रार्थना और स्मरण में शामिल रहे। चर्च परिसर में शांत और श्रद्धापूर्ण वातावरण रहा। जिले के कुनकुरी, जरिया, घोलेंग, लोदाम और गिनाबहार सहित विभिन्न क्षेत्रों के चर्चों में भी आयोजन किए गए।
शहर में क्रूस यात्रा निकाली गई, जिसमें प्रभु यीशु के दु:खभोग से जुड़ी 14 घटनाओं को दर्शाया गया। विभिन्न स्थानों पर पड़ाव बनाकर बाइबल पाठ और प्रार्थना की गई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कुछ श्रद्धालु क्रूस लेकर चलते दिखाई दिए, जबकि कई लोगों ने अन्य तरीकों से अपनी आस्था व्यक्त की।
शांति भवन चर्च के फादर अलेक्स लकड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि गुड फ्राइडे का संदेश प्रेम, क्षमा और मानवता से जुड़ा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आपसी सद्भाव बनाए रखने और समाज में शांति स्थापित करने की अपील की।
ईस्टर पर्व की तैयारी
मसीही मान्यता के अनुसार, गुड फ्राइडे के बाद रविवार को ईस्टर पर्व मनाया जाएगा, जो प्रभु यीशु के पुनर्जीवन की स्मृति में मनाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने प्रार्थना में भाग लिया और धार्मिक परंपराओं का पालन किया।


