जान्जगीर-चाम्पा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
शिवरीनारायण 2 जनवरी। छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी शिवरीनारायण में नववर्ष के अवसर पर आस्था, भक्ति और उल्लास का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। वर्ष के प्रथम दिन श्रद्धालुओं ने भगवान शिवरीनारायण के चरणों में माथा टेककर दिन की शुरुआत की। सुबह से ही नगर के सभी प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा नगर राम-नाम व भक्ति भाव से सराबोर नजर आया।
नगर के प्रमुख मंदिरों—भगवान शिवरीनारायण मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, देवी मंदिर, काली मंदिर सहित अन्य देवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। लोग अपने परिजनों के साथ मंदिर पहुंचे और भगवान का दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर विभिन्न मंदिरों में भंडारे का आयोजन भी किया गया, जहां बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। मठ मंदिर के मुख्तियार सुखराम दास जी ने नववर्ष के अवसर पर भगवान शिवरीनारायण के दर्शन कर छत्तीसगढ़ राज्य की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं ने चित्रोत्पला गंगा कही जाने वाली महानदी में पुण्य स्नान किया। भक्तों ने स्नान उपरांत भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। माताओं-बहनों ने महानदी में दीपदान कर मंगलकामनाएं कीं। त्रिवेणी संगम क्षेत्र में सुबह से ही पुण्य स्नान करने वालों की भीड़ दिखाई दी। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान शिवरीनारायण का दर्शन कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
पर्यटन स्थलों पर उमड़ा जनसैलाब
नववर्ष के अवसर पर धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यटन का भी खासा उत्साह देखने को मिला। नगर के प्रमुख पर्यटन स्थलों—मेला ग्राउंड चौपाटी और ‘मिनी गोआ’ के नाम से प्रसिद्ध त्रिवेणी आइलैंड पर पर्यटकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। महानदी के निर्मल जल के बीच स्थित टापू तक बोटिंग कर पहुंचना पर्यटकों के लिए रोमांच और सुकून का अनुभव बना। लोगों ने नौका विहार का भरपूर आनंद लिया और यादगार पलों को कैमरे में कैद किया।
राम वनगमन पथ ने दिलाई नई पहचान
राम वनगमन पथ के प्रमुख स्थलों में शामिल शिवरीनारायण इन दिनों देशभर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मान्यता है कि इसी पावन भूमि पर भगवान राम ने माता शबरी के जूठे बेर खाए थे। पिछले दो वर्षों में सोशल मीडिया पर शिवरीनारायण की प्राकृतिक सुंदरता, आइलैंड और बोटिंग की तस्वीरें तेजी से वायरल हुई हैं। इसी का परिणाम है कि अब 200 किलोमीटर दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार राम वनगमन पथ के नौ प्रमुख स्थलों में शिवरीनारायण सबसे अधिक पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। अब तक यहां 30 लाख से अधिक पर्यटक पहुंच चुके हैं, जो इस स्थल की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। स्थानीय नाविकों और पर्यटन से जुड़े लोगों ने भी इस स्थल को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसरों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कुल मिलाकर, नववर्ष पर शिवरीनारायण में आस्था, सेवा, पर्यटन और उल्लास का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति दी, बल्कि नगर को पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान भी दिलाई।


