अंतरराष्ट्रीय
ईरान की एक अदालत ने जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े दो लोगों को आज फांसी देने की घोषणा की है.
न्यायपालिका की समाचार एजेंसी मीज़ान के मुताबिक, महरदाद मोहम्मदी-निया और अश्कान मालेकी को दंगों, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने के आरोपों में दोषी ठहराया गया था.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक, ईरानी न्यायपालिका ने कहा कि मुकदमे के बाद दोनों व्यक्तियों को दोषी पाया गया और उन्हें मौत की सजा और संपत्ति की जब्ती की सजा सुनाई गई, और इन सजाओं को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था.
वहीं, मानवाधिकार संगठन हेंगाव का दावा है कि दोनों को अंतिम बार परिवार से मिलने का अवसर नहीं दिया गया और मुकदमे के दौरान उन्हें निष्पक्ष सुनवाई के बुनियादी अधिकार भी नहीं मिले.
ईरानी अधिकारियों ने उस दौर के प्रदर्शनों को "दंगा" और "तख्तापलट की कोशिश" बताया है. (bbc.com/hindi)


