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चीन के बाद अब रूस ने भी क्यूबा पर अमेरिका के इस फ़ैसले की आलोचना की
22-May-2026 11:03 AM
चीन के बाद अब रूस ने भी क्यूबा पर अमेरिका के इस फ़ैसले की आलोचना की

चीन के बाद अब रूस ने भी क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर हत्या का मुक़दमा चलाने के अमेरिकी फ़ैसले की आलोचना की है.

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने गुरुवार को रूसी सरकारी मीडिया से कहा कि रूस के लंबे समय से सहयोगी रहे क्यूबा के ख़िलाफ़ अमेरिका का दबाव अभियान, जिसमें कास्त्रो पर मुक़दमा भी शामिल है, "स्वीकार्य नहीं है."

उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि किसी भी हालत में ऐसे तरीक़ों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, जो हिंसा की सीमा तक पहुंचते हों, चाहे मामला किसी पूर्व या मौजूदा राष्ट्र प्रमुख का ही क्यों न हो."

इससे पहले चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा था कि अमेरिका को "हर बात पर बल प्रयोग की धमकी देना बंद करना चाहिए". उन्होंने कहा था कि चीन "क्यूबा के समर्थन में मज़बूती से खड़ा है."

अमेरिका ने कास्त्रो पर 1996 में दो विमानों को गिराने की घटना को लेकर आरोप लगाए हैं. इस घटना में चार लोगों की मौत हुई थी और इससे वॉशिंगटन और कैरेबियाई द्वीप क्यूबा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार क्यूबा पर दबाव बनाने की कोशिश करते रहे हैं और उन्होंने वहां की कम्युनिस्ट सरकार को हटाने की बात भी खुलकर कही है.

अमेरिका ने क्यूबा पर नए प्रतिबंध लगाए हैं और वहां तेल आपूर्ति पर प्रभावी रोक लगा दी है. इससे देश में ईंधन संकट और गहरा गया है और बिजली कटौती और खाद्य पदार्थों की कमी जैसी समस्याएं बढ़ी हैं. (bbc.com/hindi)


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