अंतरराष्ट्रीय
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को उम्मीद जताई कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख की ईरान यात्रा युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कूटनीति को आगे बढ़ाएगी, और कहा कि इस दिशा में प्रगति हुई है.
रुबियो ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि पाकिस्तानी अधिकारी तेहरान की यात्रा करेंगे.
उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे युद्ध समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत में और प्रगति करने में मदद मिलेगी.
अमेरिकी विदेश मंत्री ने एक बार फिर ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध में अमेरिका का समर्थन नहीं करने पर नेटो की आलोचना की.
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति "उनसे लड़ाकू विमान भेजने के लिए नहीं कह रहे हैं. लेकिन वे कुछ भी करने से इनकार कर रहे हैं."
रुबियो ने कहा, "हम इससे बहुत नाराज़ हैं."
वहीं ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका के साथ मौजूदा वार्ता सिर्फ़ युद्ध समाप्त करने पर केंद्रित है और यूरेनियम भंडारों के बारे में कोई चर्चा नहीं हो रही है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने मीडिया को बताया, "वार्ता का मुख्य उद्देश्य लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध को समाप्त करना है."
उन्होंने कहा, "परमाणु मुद्दों, जिनमें संवर्धित सामग्री का मुद्दा या संवर्धन शामिल है, के बारे में मीडिया में किए गए दावे केवल अटकलें हैं और इनमें विश्वसनीयता की कमी है."
गुरुवार को ईरान के यूरेनियम भंडार से जुड़े अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बाद मीडिया में कई तरह की चर्चाएं हो रही थीं, इस्माइल बक़ाई इन्हीं रिपोर्ट्स की ओर इशारा कर रहे थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में ईरान के यूरेनियम भंडार के बारे में कहा था कि अमेरिका इसे हासिल कर लेगा.
उन्होंने कहा, "हम इसे हासिल कर लेंगे. हमें इसकी ज़रूरत नहीं है, हम इसे नहीं चाहते. शायद हम इसे हासिल करने के बाद नष्ट भी कर दें, लेकिन हम उन्हें इसे हासिल नहीं होने देंगे." (bbc.com/hindi)


