अंतरराष्ट्रीय
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजे़श्कियान ने कहा है उनके देश ने हमेशा वादों का सम्मान किया है और युद्ध टालने के लिए हर रास्ता अपनाने की कोशिश की है. ईरान की ओर से सभी रास्ते अब भी खुले हैं.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, '' बातचीत का मतलब आत्मसमर्पण नहीं होता. ईरान का इस्लामी गणराज्य गरिमा और देश के अधिकारों की रक्षा के साथ बातचीत करता है. किसी भी परिस्थिति में वह जनता और देश के वैध अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा.
उन्होंने लिखा, ''हम तर्क और पूरी ताकत के साथ आख़िर तक जनता की सेवा करेंगे और ईरान के हितों और सम्मान की रक्षा करेंगे.''
''दबाव डालकर ईरान को झुकाने की कोशिश सिर्फ एक भ्रम है. कूटनीति में पारस्परिक सम्मान, युद्ध की तुलना में कहीं अधिक समझदारी भरा, सुरक्षित और टिकाऊ रास्ता है.''
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप न ने कहा था कि ईरान के साथ बातचीत ''बॉर्डर लाइन पर'' है.
उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने ''सौ फ़ीसदी संतोषजनक जवाब'' नहीं दिए, तो अमेरिका तेजी से कार्रवाई करने के लिए तैयार है. (bbc.com/hindi)


