अंतरराष्ट्रीय
गाजा के देइर अल-बलह शहर में इस हफ्ते के आखिर में नगर निकाय चुनाव होने जा रहे हैं, जो करीब 20 साल बाद पहली बार किसी तरह की वोटिंग होगी. यह शहर उन कुछ इलाकों में है, जहां इस्राएल की जमीनी सेना पूरी तरह नहीं पहुंची. इन चुनावों में कुछ ऐसे उम्मीदवार भी हैं जिन्हें हमास समर्थक माना जा रहा है, जिससे इस संगठन की लोकप्रियता का अंदाजा भी लगेगा. यह चुनाव फलस्तीनी अथॉरिटी के तहत हो रहे हैं, जिन्हें लोग एकता दिखाने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं, खासकर उस अमेरिकी योजना के खिलाफ जिसे वे गाजा और वेस्ट बैंक के बीच दूरी बढ़ाने वाला मानते हैं.
देइर अल-बलह के करीब 70,000 लोग वोट कर सकते हैं. शहर में जगह-जगह चुनावी पोस्टर लगे हैं और मतदान 12 केंद्रों पर होगा, जिनमें खुले मैदान और टेंट भी शामिल हैं. 34 साल के अदहम अल-बरदिनी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, “मेरी जिंदगी में पहली बार, 20 साल में, मुझे यह (मतदान का) एहसास होगा. मैं जन्म से ही चुनावों के बारे में सुनता आया हूं, लेकिन हालात की वजह से कभी चुनाव नहीं हुए.” उन्होंने आगे कहा, “हम इसमें हिस्सा लेने को उत्सुक हैं ताकि हम पर थोपी गई हकीकत को बदल सकें.”
हालांकि, हमास ने आधिकारिक तौर पर चुनाव का बहिष्कार किया है, लेकिन माना जा रहा है कि वह अप्रत्यक्ष रूप से इसमें अपनी पकड़ का अंदाजा लगाना चाहता है. विश्लेषकों के मुताबिक, इन चुनावों का नतीजा गाजा की राजनीति के लिए अहम संकेत दे सकता है. एक राजनीतिक विशेषज्ञ ने रॉयटर्स से कहा, “यह दुनिया, ‘बोर्ड ऑफ पीस’ और इस्राएल को यह संदेश देने का प्रतीकात्मक कदम है कि गाजा फलस्तीनी राजनीतिक व्यवस्था से अलग नहीं होने वाला.” (dw.com/hi)


