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अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हमलों के बाद फिर तनाव बढ़ा
23-Feb-2026 8:48 AM
अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हमलों के बाद फिर तनाव बढ़ा

-अशोक कुमार 

अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत नंगरहार में पाकिस्तान के हवाई हमलों में कम से कम 18 लोग मारे गए हैं जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. सरकारी मीडिया की रिपोर्टों में छह लोगों घायल होने की जानकारी भी दी गई है.

पाकिस्तान का कहना है कि उसने चरमपंथी ठिकानों को निशाना बनाया है जबकि अफगान अधिकारियों का कहना है कि हमले आम रिहायशी इलाकों में किए गएतस्वीर: AFP

अफगान अधिकारियों ने कहा कि ये हमले रात के समय नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में किए गए, जिनमें आम रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया. पक्तिका में किसी के जान जाने की सूचना नहीं है. अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के रक्षा मंत्रालय ने हमलों की निंदा की है और "उचित और संतुलित जवाब” की चेतावनी दी है.

उधर, पाकिस्तान ने कहा है कि उसने अफगानिस्तान में सात चरमपंथी ठिकानों पर हमले किए है और इस कार्रवाई को पाकिस्तान के भीतर हाल के दिनों में हुए आत्मघाती बम धमाकों का जवाब बताया गया है. एक्स पर जारी एक बयान में पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने कहा कि सरहदी क्षेत्रों में "आतंकवादी शिविरों और ठिकानों” के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाया गया. इस घटनाक्रम से दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव और बढ़ा सकता है.

पाक-अफगान तनाव क्यों

काबुल में विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने हवाई हमलों के विरोध में पाकिस्तानी राजदूत को तलब किया है. मंत्रालय ने इन हमलों को अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन बताया और चेतावनी दी कि इसके किसी भी परिणाम की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर होगी.

अफगानिस्तान में बमबारीअफगानिस्तान में बमबारी

हाल के हफ्तों में पाकिस्तान में कम से कम चार आत्मघाती हमले हुए हैं, जिनमें दर्जनों लोग और सुरक्षा कर्मी मारे गए. पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उसके पास "पुख्ता सबूत” हैं कि हमलावर अफगानिस्तान से आए थे. पाकिस्तान ने इन हमलों के लिए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया जिसे वह 'फितना-अल-ख्वारिज' कहता है.

साथ ही वह हालिया हिंसा में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के सहयोगी इस्लामिक स्टेट ऑफ खोरासन प्रोविंस का भी हाथ मानता है. पाकिस्तान ने कहा कि उनके बार-बार अनुरोधों के बावजूद अफगान तालिबान प्रशासन ने चरमपंथियों के खिलाफ "ठोस कार्रवाई” नहीं की.

वहीं अफगानिस्तान पाकिस्तान के इन आरोपों से इनकार करता है कि वह पाकिस्तानी तालिबान को पनाह दे रहा है. रविवार को भी पाकिस्तानी हमलों के बाद अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने एक्स पर लिखा कि पाकिस्तान के जनरल अपने देश की सुरक्षा कमजोरियों की भरपाई इस तरह के अपराधों से करते हैं.

मध्यस्थता भी बेअसर

पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों बार-बार एक-दूसरे पर चरमपंथी गुटों का समर्थन करने का आरोप लगाते रहे हैं. पिछले साल अक्टूबर में काबुल पर पाकिस्तानी हवाई हमलों और उसके बाद अफगान जमीन पर हुए हमलों के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है.

संघर्षों के दौरान दोनों पक्षों की सेनाओं ने तोप और भारी गोलीबारी का इस्तेमाल किया और इसमें दोनों तरफ दर्जनों सैनिकों और नागरिकों की जानें गईं. बाद में कतर की मध्यस्थता से युद्धविराम पर सहमति बनी. कतर और तुर्की की मध्यस्थता में सीमा तनाव कम करने के लिए कई दौर की वार्ताएं हुईं, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला.

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया कि 2025 के अंतिम तीन महीनों में पाकिस्तानी बलों के हमलों में कम से कम 70 अफगान नागरिक मारे गए और 478 घायल हुए, जिनमें से ज्यादातर लोग 10 से 17 अक्टूबर के बीच तनाव के दौरान हताहत हुए. दोनों देशों के बीच व्यापार काफी हद तक थमा हुआ है. पाकिस्तान ने हाल के महीनों में बड़ी संख्या में अपने यहां से अफगान प्रवासियों को निकाला है. इससे भी दोनों देशों के बीच तनाव है.


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