अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान की ओर से अफ़ग़ानिस्तान पर हमले के बाद तालिबान ने पाकिस्तान के राजदूत को तलब किया है. पाकिस्तानी राजदूत को अफ़ग़ानिस्तान की तरफ़ से विरोध पत्र सौंपा गया है.
बीबीसी पश्तो के मुताबिक़, तालिबान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "पाकिस्तानी सेना ने अफ़ग़ानिस्तान के नंगरहार और पकतीका प्रांतों पर हमले किए, जिनमें दर्जनों आम लोग मारे गए और घायल हुए. इसके जवाब में विदेश मंत्रालय ने काबुल में पाकिस्तानी राजदूत को तलब किया और अफ़ग़ानिस्तान की तरफ़ से विरोध पत्र सौंपा."
"पाकिस्तानी पक्ष को स्पष्ट रूप से बता दिया गया है कि अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन की रक्षा करना शरीअत ज़िम्मेदारी है. ऐसे हमलों के नकारात्मक नतीजों की ज़िम्मेदारी दूसरे पक्ष पर होगी."
दरअसल, पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने अफ़ग़ान सीमा क्षेत्र में 'सात आतंकवादी शिविरों' को निशाना बनाया है. जबकि अफ़ग़ानिस्तान का कहना है कि इस हमले में उसके कई आम नागरिक मारे गए हैं. इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं. (bbc.com/hindi)


