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हम जानते हैं कि रूस, भारत का अकेला तेल सप्लायर नहीं है: मॉस्को
05-Feb-2026 12:07 PM
हम जानते हैं कि रूस, भारत का अकेला तेल सप्लायर नहीं है: मॉस्को

तस्वीर: Indranil Aditya/NurPhoto/IMAGO


रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने बुधवार को भारत के तेल सप्लाई में विविधता लाने वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेशकोव ने कहा, "भारत हमेशा से अन्य देशों से ये उत्पाद खरीदता रहा है. इसीलिए हम इस मामले में कोई भी नया डवलेपमेंट नहीं देखते हैं."

पेशकोव के मुताबिक, सभी जानते हैं कि रूस भारत का अकेला तेल सप्लायर नहीं है.

रूस का यह बयान भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के बयान के बाद आया है. बुधवार को गोयल ने कहा कि भारत, वैश्विक परिस्थितियों में आते बदलाव को देखते हुए अपने नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा पक्की करेगा और ऊर्जा के स्रोतों में विविधता लाएगा. 

नई दिल्ली का यह बयान भारत और अमेरिका कारोबारी समझौते के बाद आया है. दो फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने औचक ढंग से भारत के साथ ट्रेड डील की घोषणा की. ट्रंप ने भारत पर लगाए गए टैरिफ घटाकर 18 फीसदी करते हुए एलान किया कि भारत सरकार ने रूस से तेल खरीद बंद करने पर सहमति जताई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने के चलते भारत पर 2025 में अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाया था. ट्रंप प्रशासन के कुछ अधिकारी बीच बीच में भारत पर रूसी युद्ध मशीन को पैसा मुहैया कराने के आरोप भी लगा रहे थे. 

नई दिल्ली लंबे वक्त तक अपनी ऊर्जा सुरक्षा का हवाला देकर रूस से मिल रहे सस्ते तेल का बचाव करती रही. इस दौरान भारतीय नेता, अक्सर रूस और भारत की पारंपरिक दोस्ती का भी हवाला दिया. 

अमेरिका से ट्रेड डील करने के बाद अब भारत ने कहा कि वह हर साल अमेरिका से 100 अरब डॉलर की ऊर्जा, विमानन मशीनरी, परमाणु सामग्री और बहुमूल्य धातुएं खरीदेगा. ऐसा लगातार पांच साल तक किया जाएगा.  (dw.com/hi)


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