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एचआरडब्ल्यू की वार्षिक रिपोर्ट में अमेरिका पर निशाना: ट्रंप के कार्यकाल में गहराया लोकतांत्रिक संकट
04-Feb-2026 1:35 PM
एचआरडब्ल्यू की वार्षिक रिपोर्ट में अमेरिका पर निशाना: ट्रंप के कार्यकाल में गहराया लोकतांत्रिक संकट


ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने अपनी नई सालाना रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका तेजी से अधिनायकवाद की ओर बढ़ रहा है. संगठन का कहना है कि ट्रंप की व्हाइट हाउस में वापसी ने वैश्विक लोकतंत्र को चार दशकों के सबसे निचले स्तर तक धकेल दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, रूस और चीन की तरह ही अमेरिका भी आज लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिहाज से 1985 जैसी स्थिति में पहुंच गया है.

ट्रंप का ऐसा असर, अब ब्रिटेन भी चीन से रिश्ते सुधारने चला है

एचआरडब्ल्यू ने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन ने मानवाधिकारों के प्रति "स्पष्ट उपेक्षा" दिखाई है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाले कदम उठाए हैं. रिपोर्ट में आरोप है कि अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) के नकाबपोश सशस्त्र एजेंटों ने "अनावश्यक रूप से हिंसक" छापेमारी की. संगठन ने नेशनल गार्ड की घरेलू तैनाती, राजनीतिक विरोधियों पर कार्रवाई और कार्यपालिका की शक्तियों का विस्तार करने के प्रयासों को अधिनायकवाद की ओर झुकाव के संकेत बताया.

रिपोर्ट में अमेरिका पर यह भी आरोप लगाया गया कि उसने 252 वेनेजुएलाई प्रवासियों को एल साल्वाडोर की एक अधिकतम सुरक्षा वाली जेल में भेजकर "बलपूर्वक गायब" करने जैसे अपराध किए. एचआरडब्ल्यू के अनुसार, इन बंदियों ने पिटाई, यातना और यौन हिंसा के आरोप लगाए. यह मूल्यांकन अमेरिकी विदेश विभाग की ताजा मानवाधिकार रिपोर्ट से बिल्कुल अलग है, जिसमें एल साल्वाडोर में 2024 के दौरान "महत्वपूर्ण मानवाधिकार उल्लंघनों की कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं" होने का दावा किया गया है.

किस देश में सरकार पर है सबसे ज्यादा भरोसा

एडलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर के मुताबिक मलयेशिया के लोगों का अपनी सरकार पर भरोसा पिछले एक साल में सबसे ज्यादा बढ़ा जबकि ब्रिटेन में सबसे ज्यादा घटा. और भारत में क्या हुआ? जानिए...

सबसे ऊपर सऊदी अरब

एडलमैन ट्रस्ट ने 28 देशों में सर्वे के बाद पाया कि सऊदी अरब और चीन के लोग अपनी सरकारों पर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं. चीन और सऊदी अरब में बस एक अंक का फर्क है लेकिन सऊदी अरब 2022 के मुकाबले 2023 में 3 पॉइंट्स ऊपर गया जबकि चीन 3 अंक नीचे आया.

भारत में इस साल आम चुनाव होने जा रहे हैं और सर्वे के मुताबिक बीजेपी सरकार में लोगों के भरोसे में 2022 के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ है. 76 अंकों के साथ भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर है.

विकासशील देशों में ज्यादा भरोसा

रिपोर्ट कहती है कि विकसित देशों में लोगों का भरोसा अपनी सरकारों में सबसे कम है जबकि विकासशील देशों में सबसे ज्यादा. अंकों में देखा जाए तो विकासशील देशों को 63 अंक मिले जबकि विकसित देशों को 49.

मलयेशिया में भरोसा सबसे ज्यादा बढ़ा

इंडेक्स में देखा गया कि मलयेशिया में सरकार पर लोगों का भरोसा 2022 के मुकाबले 13 अंक बढ़ गया. सूची में चौथे नंबर पर मौजूद मलयेशिया में 2022 में आम चुनाव हुए थे और अनवर इब्राहिम प्रधानमंत्री बने.

युनाइटेड किंग्डम में सबसे ज्यादा गिरावट

युनाइटेड किंग्डम में लोगों का भरोसा अपनी सरकार में सबसे ज्यादा 7 अंक गिरा और वह सूची में 13वें नंबर पर है. 11वें नंबर पर मौजूद अमेरिका में भी भरोसे में 3 अंकों की गिरावट देखी गई, जहां इस साल आम चुनाव होने हैं.

आमतौर पर बदलाव नहीं

अगर वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो हर देश में औसतन 1,150 लोगों के सर्वे पर आधारित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लोगों का सरकारों पर भरोसा ना बढ़ा है, ना घटा है बल्कि औसतन लोग अपनी सरकारों पर उतना ही भरोसा करते हैं, जितना वे 2022 में करते थे.


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