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लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी है. 53 साल के सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी को राजधानी त्रिपोली से 136 किलोमीटर दूर जिन्तान कस्बे में गोली मारी गई.
लीबिया के मुख्य अभियोजन विभाग के अधिकारियों ने एक बयान जारी कर कहा कि शुरुआती जांच में सैफल अल-इस्लाम की गोली मारकर हत्या की पुष्टि हुई है. इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी गई. सैफ अल-इस्लाम के वकील खालेद अल-जैदी ने भी एक फेसबुक पोस्ट के जरिए सैफ अल-इस्लाम की मौत की जानकारी दी है. इससे ज्यादा उन्होंने भी कुछ नहीं बताया.
इन सूचनाओं के बाद सैफ अल-इस्लाम की राजनीतिक टीम ने एक बयान जारी कर कहा कि, "चार मास्कधारी पुरुष" उनके घर में घुसे और "कायरतापूर्ण और विश्वासघाती हत्याकांड" को अंजाम दिया गया.
सैफ अल-इस्लाम की टीम ने दावा किया कि सैफ अल-इस्लाम ने हमलावरों से मुकाबला करने की कोशिश की. टीम के मुताबिक, "अपने जघन्य अपराधों के सुराग मिटाने की बेचैनी में" घर के सीसीटीवी कैमरे भी बंद कर दिए गए.
1972 में त्रिपोली में पैदा हुए सैफ अल-इस्लाम, गद्दाफी के दूसरे नंबर के बेटे थे. लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पीएचडी करने वाले सैफ अल-इस्लाम को कभी पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी का राजनीतिक वारिस कहा जाता था.
अरब जगत में 2011 में शुरू हुई क्रांति के दौरान लीबिया में भी तानाशाह गद्दाफी की सत्ता ढहा दी गई. गृह युद्ध के दौरान ही जिन्तान में सैफ अल-इस्लाम को गिरफ्तार भी किया गया. 2017 में लीबिया की सरकार ने अल-इस्लाम को माफी देते हुए रिहा कर दिया. उसके बाद ही वह जिन्तान में रह रहे थे.
2015 में लीबिया की एक अदालत ने सैफ अल-इस्लाम को हिंसा भड़काने और प्रदर्शनकारियों की हत्या का दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई थी.


