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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने चुनावों से पहले मौजूदा सरकार पर साधा निशाना
24-Jan-2026 10:01 AM
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने चुनावों से पहले मौजूदा सरकार पर साधा निशाना

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने देश में फरवरी में होने वाले चुनावों से अपनी पार्टी अवामी लीग को बाहर रखने की कड़ी आलोचना की है.

शेख़ हसीना ने कहा है कि इस कदम से "लाखों बांग्लादेशियों के वोट देने का अधिकार छीन लिया गया है जो आने वाले चुनावों में वोट नहीं डाल पाएंगे."

शेख़ हसीना ने भारतीय न्यूज़ वेबसाइट ‘द प्रिंट’ को दिए एक इंटरव्यू में मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की भी आलोचना की.

उन्होंने कहा, "इन हालात में हुए चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष या वैध नहीं माना जा सकता. मतदाताओं को अपनी पसंद की पार्टी चुनने की आज़ादी होनी चाहिए."

"उन्हें हिंसा या विनाश की धमकी देकर बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ) या जमात (जमात-ए-इस्लामी) के लिए घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने वालों की ओर से रोका या मजबूर नहीं किया जाना चाहिए."

बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने जा रहे हैं.

शेख़ हसीना ने आगे कहा, "अंतरिम सरकार जानती है कि अगर हमें इन चुनावों में लड़ने की इजाज़त दी जाती, तो हमें भारी समर्थन मिलता. इसलिए हम पर बैन लगाया गया है."

"हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यूनुस को ख़ुद बांग्लादेश के लोगों से कभी एक भी वोट नहीं मिला है, फिर भी वो अपने ग़ैरक़ानूनी कामों को वैध बनाने के लिए हमारे देश के कानूनों को दोबारा लिख रहे हैं."

शेख़ हसीना ने कहा कि देश की सबसे पुरानी और सबसे लोकप्रिय राजनीतिक पार्टी पर प्रतिबंध लगाना सुधार नहीं है, "यह तानाशाही है जिसे बदलाव का नाम दिया गया है." (bbc.com/hindi)


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