अंतरराष्ट्रीय
इमोजेन फ़ाउल्क्स, जिनेवा संवाददाता और ओटिली मिशेल
अमेरिका आधिकारिक तौर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ से अलग हो गया है. इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी को अपने सबसे बड़े डोनर्स में से एक खोना पड़ा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साल पहले इस फै़सले का संकेत देते हुए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया था. उस समय उन्होंने कोविड महामारी के दौरान संगठन पर 'चीन के पक्ष' में होने का आरोप लगाया था.
अमेरिका के स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग ने कहा कि यह फै़सला डब्ल्यूएचओ की ओर से महामारी से निपटने में कथित 'गलत' प्रबंधन और सुधार करने में उसकीअसमर्थता के कारण लिया गया.
हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है. संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानॉम गेब्रियेसस ने कहा कि अमेरिका का अलग होना न सिर्फ़ अमेरिका के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए नुक़सान है. (bbc.com/hindi)


