अंतरराष्ट्रीय
-नैटली शर्मन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के सबसे बड़े बैंक जेपी मॉर्गन चेज़ के ख़िलाफ़ 5 अरब डॉलर का मुक़दमा दायर किया है. उन्होंने बैंक पर राजनीतिक कारणों से उनके खाते ग़ैरक़ानूनी तरीके से बंद करने का आरोप लगाया है.
इस मुक़दमे में बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेमी डिमन को भी नामज़द किया गया है.
इसमें कहा गया है कि 2021 में बैंक की ओर से अचानक खाते बंद किए जाने के बाद ट्रंप और उनके कारोबार को काफ़ी आर्थिक नुक़सान हुआ था और प्रतिष्ठा को चोट पहुंची थी.
बैंक ने 6 जनवरी 2021 को हुए दंगे के बाद ये खाते बंद करने का फ़ैसला लिया था. उस दिन ट्रंप समर्थक कैपिटल हिल पहुंचे थे और चुनाव नतीजों की औपचारिक पुष्टि की प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश की थी.
जेपी मॉर्गन चेज़ के एक प्रवक्ता ने कहा, "इस मुक़दमे का कोई आधार नहीं है." उन्होंने कहा, "जेपीएमसी राजनीतिक या धार्मिक कारणों से खाते बंद नहीं करता."
बैंक ने एक बयान में आगे कहा, "हम खाते तब बंद करते हैं, जब वे कंपनी के लिए क़ानूनी या रेगुलेटरी (नियामक) जोखिम पैदा करते हैं."
ट्रंप ने इस मुक़दमे का ज़िक्र इस वीकेंड पर किया था. डिमन पिछले दो दशकों से जेपी मॉर्गन का नेतृत्व कर रहे हैं.
हाल के हफ़्तों में डिमन ने प्रशासन के क्रेडिट कार्ड सीमा तय करने के प्रस्ताव का विरोध किया है. उन्होंने आव्रजन नीति और फ़ेडरल रिज़र्व के प्रति प्रशासन के रुख़ की भी आलोचना की है. (bbc.com/hindi)


