अंतरराष्ट्रीय
नेटो के यूरोपीय सहयोगियों को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों पर ब्रिटेन के नेताओं ने नाराज़गी जताई है.
ट्रंप ने क्या कहा था?
गुरुवार को फ़ॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें "पक्का नहीं पता" कि अगर अमेरिका को कभी ज़रूरत पड़ी तो यह मिलिट्री गठबंधन यानी नेटो उनके साथ होगा या नहीं.
उन्होंने कहा, "वे (नेटो सदस्य) कहेंगे कि उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में कुछ सैनिक भेजे थे और उन्होंने भेजे भी थे, वे थोड़ा पीछे रहे, फ्रंट लाइन से थोड़ा दूर."
ब्रिटेन की प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री स्टीफ़न किनॉक ने ट्रंप की टिप्पणियों को "निराशाजनक" और "ग़लत" बताया.
उन्होंने कहा, "उनकी (ट्रंप की) टिप्पणियां हक़ीक़त से बिल्कुल मेल नहीं खातीं. ब्रिटिश सैनिकों और दूसरे यूरोपीय नेटो सहयोगियों के कई सैनिकों ने अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में अमेरिकी अभियानों में अपनी जान दी है."
ब्रिटेन की विपक्षी कंज़र्वेटिव पार्टी की नेता केमी बैडेनोच ने ट्रंप की टिप्पणियों को "पूरी तरह बकवास" कहा.
9/11 के हमलों के बाद नेटो के सामूहिक सुरक्षा नियम को लागू करने के बाद, साल 2001 से अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका का साथ देने वाले कई सहयोगियों में ब्रिटेन भी शामिल था. इस संघर्ष में 457 ब्रिटिश सैनिकों की मौत हुई थी. (bbc.com/hindi)


