अंतरराष्ट्रीय
ग़ज़ा में शांति प्रक्रिया के लिए ट्रंप प्रशासन ने कमिटियों का एलान शुरू किया है, हालांकि इसकी इसराइल और फ़लस्तीनियों दोनों पक्षों ने आलोचना की है.
फ़लस्तीनियों की ओर से इसमें फ़लस्तीनी प्रतिनिधियों को शामिल नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया गया है. एक फ़लस्तीनी नेता मुस्तफ़ा बरग़ौती ने बीबीसी से कहा कि यह कुछ अंतरराष्ट्रीय सदस्यों वाला एक अमेरिकी बोर्ड लग रहा है.
इसराइल का कहना है कि वह इस बात से नाख़ुश है कि इन कमिटियों में से एक, ग़ज़ा एग्ज़िक्यूटिव बोर्ड, में नियुक्तियों के बारे में उससे सलाह नहीं ली गई.
इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ग़ज़ा शांति प्रक्रिया में राष्ट्रपति ट्रंप के पैनल में नियुक्तियों पर चर्चा करने के लिए अपनी कैबिनेट से मिल रहे हैं.
ट्रंप प्रशासन के नए "बोर्ड ऑफ़ पीस" में नियुक्त लोगों में ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर, ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ़, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर शामिल हैं.
बाद में, तुर्की, मिस्र और अर्जेंटीना के राष्ट्रपतियों ने कहा कि उन्हें भी इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है. (bbc.com/hindi)


