अंतरराष्ट्रीय
संयुक्त अरब अमीरात ने गुरुवार को चार देशों भारत, इसराइल, यूएई और अमेरिका के समूह आईटूयूटू की कोशिशों के तहत दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व में खाद्य संकट से निपटने के लिए भारत में 2 अरब डॉलर का निवेश करने की घोषणा की है.
इन देशों के बीच गुरुवार को हुई बैठक में इस बारे में फ़ैसला लिया गया जिसमें इन देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए.
इस निवेश के तहत संयुक्त अरब अमीरात भारत में इंटीग्रेटेड फूड पार्क बनाने के लिए दो अरब डॉलर का निवेश करेगा.
इस परियोजना में तकनीकी विशेषज्ञता इसराइल और अमेरिका की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी. भारत सरकार इन पार्कों के लिए ज़मीन उपलब्ध कराएगा और किसानों को इस परियोजना के साथ जोड़ेगी.
इस परियोजना के तहत खाने की बर्बादी रोकने, साफ़ पानी के संरक्षण और जलवायु को ध्यान में रखकर बनाई गई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा.
इस बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि ‘आज हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं उनमें तेजी से जलवायु संकट या बढ़ती खाद्य असुरक्षा शामिल है. यूक्रेन के खिलाफ रूस के क्रूर हमले से अस्थिर बाजारों को और भी बदतर बना दिया गया है’
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि 'आज की इस पहली समिट से ही I2U2 ने एक सकारात्मक एजेंडा स्थापित कर लिया है. हमने कई क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाएं की पहचान की है, और उनमें आगे बढ़ने का रोडमैप भी बनाया है.
I2U2 फ्रेमवर्क के तहत जल, ऊर्जा, परिवाहन, स्वास्थ्य, स्पेस और खाद्य सुरक्षा के लिए 6 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संयुक्त निवेश बढ़ाने के लिए सहमत हुए हैं.
बढ़ती हुई वैश्विक अनिश्चिताओं के बीच हमारा कॉपरेटिव फ्रेमवर्क व्यावहारिक सहयोग का एक अच्छा मॉडल है। मुझे पूरा विश्वास है कि I2U2 से हम वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान करेंगे.'
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कहा है कि 'यह देशों के बीच सहयोग का एक बड़ा अवसर है...चुनौतियों के क्षेत्रों में जिनमें खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और हेल्थ केयर शामिल हैं.'


