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पाकिस्तानी पत्रकार के दावों पर बीजेपी ने हामिद अंसारी और कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया
13-Jul-2022 10:47 PM
पाकिस्तानी पत्रकार के दावों पर बीजेपी ने हामिद अंसारी और कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने पाकिस्तानी पत्रकार के दावों और बीजेपी के आरोपों पर जवाब दिया है. हामिद अंसारी ने एक बयान जारी कर कहा है कि उनके ख़िलाफ़ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं.

बयान में हामिद अंसारी ने कहा, "कल और आज मेरे ख़िलाफ़ व्यक्तिगत रूप से एक के बाद एक कई झूठ बोले गए. पहले मीडिया के एक वर्ग ने और बाद में बीजेपी के अधिकारिक प्रवक्ता ने."

पाकिस्तानी पत्रकार नुसरत मिर्ज़ा ने आरोप लगाया था कि भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने उन्हें साल 2005-2011 के बीच पाँच बार दिल्ली बुलाया और इस दौरान हुई बातचीत में ख़ुफ़िया और संवेदनशील जानकारियां साझा कीं.

पाकिस्तानी पत्रकार नुसरत मिर्ज़ा का दावा

पाकिस्तानी पत्रकार नुसरत मिर्ज़ा ने दावा किया था कि हामिद अंसारी से मिली जानकारियों को उन्होंने पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के साथ साझा किया था.

नुसरत मिर्ज़ा के इन दावों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने हामिद अंसारी और कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला और गंभीर सवाल उठाए हैं.

बीजेपी ने हामिद अंसारी पर देशहित के ख़िलाफ़ काम करने के आरोप लगाए हैं. भारतीय जनता पार्टी ने पाकिस्तानी पत्रकार और भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बीच हुई मुलाक़ातों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया के हामिद अंसारी से सवाल

  • पाकिस्तानी पत्रकार मिर्ज़ा ने कहा है कि भारत यात्रा के दौरान उन्होंने अंसारी से मुलाक़ात की और उन्होंने गोपनीय और संवेदनशील जानकारियां साझा की. हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि उपराष्ट्रपति का पद एक संवैधानिक पद है और बहुत से ऐसे मुद्दे होते हैं जिनके बारे में जानकारी नहीं साझा की जा सकती क्योंकि वो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होते हैं.
  • देश की जनता ये पूछना चाहती है कि आतंकवाद का ख़ात्मा करने के लिए क्या कांग्रेस की सरकार रही उसकी ये नीति थी? कांग्रेस देश की अति गोपनीय चीज़ों को दूसरे देश से साझा कर रही थी, जिसका वो आतंकवाद के लिए इस्तेमाल कर रहे थे. इसीलिए देश की जनता आज व्यथित है.
  • पाकिस्तान का पत्रकार बताता है कि अति संवेदनशील और गोपनीय जानकारी एक बार नहीं बल्कि पाँच बार साझा की गई. उसने ये जानकारी हामिद अंसारी जी से ली और इस जानकारी को भारत के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया गया.
  • भारत पूरे विश्व में आतंकवाद के ख़िलाफ़ जो मुहिम है उसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा है. और कांग्रेस की सरकार 2005-11 के बीच में पांच बार ऐसे व्यक्ति को भारत आने का निमंत्रण देती है, देश की गोपनीय जानकारी साझा की जाती हैं.
  • क्या आपने इस व्यक्ति को आमंत्रित किया और अधिकारिक या अनाधिकारिक रूप से संवेदनशील और गोपनीय जानकारियाँ साझा की?

भाटिया ने ये भी कहा कि अगर अंसारी ने ऐसा किया था तो उन्हें इस बारे में मौजूदा सरकार को जानकारी देनी चाहिए ताकि वो ये दर्शा सकें कि वो राष्ट्र के प्रति समर्पित हैं. उन्होंने पूछा कि क्या अंसारी को इस बारे में ख़ुफ़िया एजेंसियों ने सचेत किया था कि पत्रकार पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी के लिए काम कर रहा है?

कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाटिया ने सवाल किया कि क्या अंसारी ने सोनिया और राहुल के कहने पर पाकिस्तानी पत्रकार को आमंत्रित किया था?

हामिद अंसारी ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि भारत का राजदूत रहते हुए उन्होंने जो काम किए हैं उनकी वैश्विक और घरेलू स्तर पर सराहना हुई है.

हामिद अंसारी का जवाब

  • ईरान में भारत का राजदूत रहते हुए मैंने जो भी काम किया वो उस समय की सरकार की जानकारी में था. ऐसे मामलों में मैं राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता से जुड़ा हूं और उन पर टिप्पणी करने से बचता हूं. भारत सरकार के पास इस बारे में सभी जानकारी है और वो ही सच बताने वाली एकमात्र अथॉरिटी है. ये एक स्थापित तथ्य है कि तेहरान में अपने कामकाज के बाद मुझे न्यू यॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया था. मैंने वहां जो काम किया है उसे देश और विदेश में सराहा गया है.
  • ये कहा गया कि मैंने भारत का उपराष्ट्रपति रहते हुए पाकिस्तानी पत्रकार नुसरत मिर्ज़ा को न्यौता दिया. ये कहा गया कि मैंने दिल्ली में आतंकवाद पर एक सम्मेलन में उनसे मुलाक़ात की और ईरान में भारत का राजदूत रहते हुए मैंने राष्ट्रीय हितों को धोखा दिया. इस मामले में आरोप भारत सरकार की एजेंसी के एक पूर्व अधिकारी ने लगाए हैं.
  • ये एक ज्ञात तथ्य है कि उपराष्ट्रपति विदेशी हस्तियों को सरकार और आमतौर पर विदेश मंत्रालय की सलाह पर न्यौता देते हैं. मैंने 11 दिसंबर 2010 को आंतकवाद पर हुए सम्मेलन का उद्घाटन किया था. एक सामान्य प्रक्रिया के तहत इस सम्मेलन में आमंत्रित लोगों की सूची आयोजकों ने बनाई होगी, ना ही मैंने उसे न्यौता दिया था और ना ही उससे मुलाक़ात की थी.

कांग्रेस ने भी बीजेपी के आरोपों का जवाब दिया और बयान जारी करके कहा कि सोनिया गांधी और भारत के पूर्व उप राष्ट्रपति और प्रतिष्ठित राजनयिक हामिद अंसारी पर लगाए गए आक्षेपों और झूठ फैलाने की कोशिश की कड़े शब्दों में निंदा होनी चाहिए.

प्रधानमंत्री और बीजेपी प्रवक्ता के इस तरह के बयान सार्वजनिक विमर्श को कमजोर करेंगे. ये दुष्प्रचार घटिया दर्जे का चरित्र हनन है.
11 दिसंबर, 2010 को नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और मानवाधिकारों पर न्यायविदों को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के बारे में सभी तथ्य पहले ही सार्वजनिक तौर पर मौजूद हैं. साफ़ है बीजेपी इस मामले में झूठ फैला रही है.
बीजेपी नेताओं का ये रवैया उनमें व्याप्त मानसिक बीमारी और सत्यनिष्ठा के दिवालियापन को भी दर्शाता है.

हामिद अंसारी साल 2007 से 2017 तक भारत के उपराष्ट्रपति रहे. इससे पहले वो संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि थे. हामिद अंसारी 38 साल तक भारत की विदेश सेवा में रहे और कई देशों में भारत के राजदूत रहे हैं. (bbc.com)


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