गरियाबंद

श्रीराम कथा में उमड़े श्रद्धालु
21-May-2026 4:06 PM
श्रीराम कथा में उमड़े श्रद्धालु

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

नवापारा-राजिम, 21 मई। नगर के सिंध पंचायत भवन में चल रहे श्री राम कथा के तृतीय दिवस वृंदावन से आए पं नवल कृष्ण शास्त्री  महाराज ने कहा की पुस्तकों को पढक़र जो ज्ञान मिलता है वह ज्ञान स्थिर नहीं रहता, जो ज्ञान पुस्तकों में रहता है वह किसी काम का नहीं। अपना जो धन दूसरे के हाथ में है, वह धन भी काम का नहीं। आवश्यक समय में किसी के काम आये नहीं, ऐसा धन जो दूसरे के हाथ में है, वह धन नहीं, पुस्तक का ज्ञान कोई ज्ञान नहीं ,इसका होना ना होना समान ही है।

 महराज  ने कथा प्रसंग दौरान कहा कि विश्व मोहनी अति सुंदर थी नारद जी एक तक देखते ही रह गए। मन में आश्चर्य हुआ इतनी सुंदर? नारद जी को अपने वैराग्य पर पूर्ण विश्वास था, किंतु आज वे कामाधीन होकर कन्या को देखने लगे, परमात्मा की माया से बचना बहुत मुश्किल है। मनुष्य संसार छोड़ सकता है परंतु काम के ऊपर विजय प्राप्त करना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने ने मनु शतरूपा के वरदान का एवं राम जन्म ,राम जन्म के कारणों की रोचक व्याख्या प्रस्तुत की। राजा दशरथ, कौशल्या एवं बाल श्री राम की झांकी भी प्रस्तुत की गई। दशरथ,राजा धामेजानी- कौशल्या सोनी धामेजानी की झांकी में लोगों ने आनंदित होकर खूब नित्य किया। पूरा पंडाल राम जन्म का आनंद उठाया। उपहार आदि लोगों को दिया गया , टॉफी, खिलौने, बिस्किट केला सेव एवं अन्य प्रकार की खाद्य वस्तुएं महाराज जी ने और श्रद्धालुओं ने सब को बांटा । कथा स्थल को गुब्बारों से बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया गया था, जो अति आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। आरती के पश्चात,जलपान व्यवस्था सभी श्रोताओं के लिए एवं प्रसाद की व्यवस्था आयोजकों ने की थी।

डॉ रमाकांत शर्मा ने पूरे कार्यक्रम के दौरान लगे रहे।आज के कथा के मनोरथी राजू किबरा,आरती,बजरंग लाल काबरा परिवार थे।


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