गरियाबंद

अफसरों ने सडक़ हादसे के घायलों को पहुंचाया अस्पताल
20-May-2026 4:26 PM
अफसरों ने सडक़ हादसे के घायलों को पहुंचाया अस्पताल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

गरियाबंद, 20 मई। गरियाबंद जिले के कलेक्टर, एसपी और जिला पंचायत सीईओ ने मानवता और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल पेश करते हुए सडक़ दुर्घटना में घायल दो युवकों को अपने शासकीय वाहन से तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों की तत्परता से दोनों घायलों को समय पर उपचार मिल सका और उनकी स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, कलेक्टर बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर और जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर थाना छुरा क्षेत्र के ग्राम कंसिघी से सुशासन तिहार कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान छुरा रोड स्थित कचना धुरवा के पास एक गंभीर सडक़ दुर्घटना हुई मिली, जहां दो राहगीर लहूलुहान हालत में सडक़ पर पड़े तड़प रहे थे। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ तो मौजूद थी, लेकिन घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिल पा रही थी। घटना को देखते ही कलेक्टर बी.एस. उइके और एसपी नीरज चंद्राकर ने तुरंत अपना काफिला रुकवाया। तीनों अधिकारी स्वयं वाहन से नीचे उतरे और घायलों की स्थिति का जायजा लिया। एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय उन्होंने बिना किसी प्रोटोकॉल की परवाह किए दोनों घायलों को अपने शासकीय वाहन में बैठाकर सीधे जिला अस्पताल गरियाबंद पहुंचाया।

अस्पताल पहुंचने के बाद अधिकारियों ने डॉक्टरों को तत्काल बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।  डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने के कारण घायलों की हालत अब नियंत्रण में है और दोनों का उपचार जारी है।

इस दौरान कलेक्टर और एसपी ने आम लोगों से सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सडक़ हादसों में ‘गोल्डन आवर’ यानी पहला घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि कोई व्यक्ति घायल अवस्था में दिखाई दे तो कानूनी प्रक्रिया के डर से पीछे न हटें, बल्कि उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाने में मदद करें। अधिकारियों ने बताया कि शासन की ‘राह वीर योजना’ के तहत सडक़ दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले गुड सेमेरिटन को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।

 


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