गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 21 फरवरी। जिला कांग्रेस कमेटी गरियाबंद के अध्यक्ष सुखचंद बेसरा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में प्रस्तावित बदलावों के विरोध में राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि मनरेगा देश की सबसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जो ग्रामीण भारत में रोजगार सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करती है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम इस कानून से केवल औपचारिक रूप से नहीं जुड़ा है, बल्कि यह श्रम की गरिमा, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण सशक्तिकरण का प्रतीक है।
जिला कांग्रेस कमेटी सुखचंद बेसरा, विधायक जनक ध्रुव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा के मूल स्वरूप में बदलाव कर इसकी भावना को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में किए गए सुधारों के तहत मजदूरी भुगतान में पारदर्शिता और समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी, जिससे ग्रामीण गरीबों को सुरक्षा मिली। किसी भी प्रकार के परिवर्तन से करोड़ों जरूरतमंद परिवार प्रभावित हो सकते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि मनरेगा को पूर्ववत बनाए रखा जाए और इसमें ऐसे किसी भी संशोधन से बचा जाए जिससे योजना की प्रभावशीलता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित हो। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति एवं सरकार जनहित को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेंगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


