गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नवापारा राजिम, 12 जनवरी। सालासर सुन्दरकाण्ड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति द्वारा आयोजित चिकित्सा केम्प में आज 117 मरीजों ने इलाज करवाया,जिसमे
नवापारा, राजिम, छुरा, कांकेर, कुरूद, रायपुर, भेंडरी, करगा, मानिकचौरी, कोपरा, अछोटी,तामाशिवनी,आदि स्थानों से लोग आए थे, छत्तीगढ़ में पहली बार यह केम्प ग्राम करगा निवासी डॉ प्रमोद गंजीर के मार्गदर्शन में हो रहा है। यह केम्प 10 जनवरीशनिवार एवम 11 जनवरी रविवार दो दिवसीय रखा गया है। छत्तीसगढ़ में पहली बार इस शिविर का आयोजन किया गया है
उपचार का समय सुबह 9 बजे 12 बजे तक एवम शाम 3 से 5 इस इलाज को सीखने वालो का केम्प लगाया गया है। दिल्ली से पहुंचे राष्ट्रपति कार्यालय के पूर्व सलाहकार एवं आरोग्य पीठ के संस्थापक रामगोपाल दिछित अपनी टीम के साथ दिल्ली से राजू बजरंग लाल काबरा निवास तरी रोड में सेवा दे रहे हैं। मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष ओमकुमारी संजय साहू एवं फूलचंद कालेज अध्यक्ष मनमोहन अग्रवाल थे।जिन्होंने सालासर समिति के बारे में बोलते हुए कहा कि इस समिति के बारे में कहा कि यह समिति नगर का गौरव है,कभी धार्मिक,कभी सामाजिक,कभी जनकल्याण के कार्य मे आगे रहती है और अब लोगों के स्वास्थ्य के प्रति यह केम्प लगाई है,आचार्य रामगोपाल दिछित ने कहा कि अर्धनारीश्वर चिकित्सा का अर्थ जिस प्रकार से दो कान है,दो आंख है,दो हाथ है,दो पैर है,दो किडनी है अर्थात शरीर मे दो भाग है। उन्होंने कहा कि हजारों बीमारियों का इलाज नसों के पॉइंट दबाकर ठीक किया जा सकता है,जिसमे,माइग्रेन,घुटना दर्द,कंधा दर्द,कमर दर्द,शुगर का अचूक इलाज है जिसे बिना दवा के ठीक किया जा सकता है,यह उपचार 14 देशों में चल रहा है जो आरोग्य पीठ दिल्ली से सीखे है वे इस विद्या को चारों ओर फैल रहे है,32 लोगो ने आज इस विद्या को सीखने के लिए केम्प में भाग लिया ,समिति के संस्थापक,राजू काबरा ने लोगो से इस चिकित्सा का लाभ उठाने की अपील की हैइस अवसर पर पूज्य गुरुदेव आचार्य डॉ. रामगोपाल दीक्षित जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में अत्यधिक दवाइयों पर निर्भरता मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
अर्धनारीश्वर चिकित्सा एक वैज्ञानिक,सुरक्षित एवं प्राकृतिक न्यूरोथेरेपी पद्धति है।
जो शरीर की नसों,मांसपेशियों एवं मस्तिष्क के बीच संतुलन स्थापित कर रोगों की जड़ पर कार्य करती है।उन्होंने कहा कि यह चिकित्सा बिना दवा और बिना सर्जरी के प्रभावी परिणाम देने में सक्षम है।शिविर में उपचार के साथ-साथ प्रशिक्षण सत्रों का भी आयोजन किया गया,जिसमें देश-प्रदेश से आए प्रशिक्षणार्थियों को अर्धनारीश्वर चिकित्सा एवं वेलनेस न्यूरोथेरेपी की तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। आरोग्य पीठ के अनुभवी थेरेपिस्टों ने लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से उपचार प्रक्रिया को सरल रूप में समझाया।कार्यक्रम में समाज के प्रतिष्ठित महानुभाव,जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता,बुद्धिजीवी वर्ग एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने इस चिकित्सा पद्धति की सराहना करते हुए इसे जनकल्याणकारी बताया।
आयोजकों ने जानकारी दी कि आरोग्य पीठ का उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक तक प्राकृतिक एवं वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों को पहुँचाना है। भविष्य में भी देश के विभिन्न राज्यों में इस प्रकार के उपचार एवं प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन निरंतर किया जाएगा।संस्था के संस्थापक राजू काबरा ने सभी जरूरतमंद लोगों से इस चिकित्सा शिविर का लाभ उठाने की अपील की है,


