गरियाबंद
‘धान चूहे नहीं, सिस्टम खा गया’, 7 करोड़ के घोटाले पर आप का सरकार पर हमला
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नवापारा-राजिम, 11 जनवरी। धान खरीदी के दौरान सामने आए करीब 7 करोड़ रुपये के धान घोटाले ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने इस पूरे मामले को सरकारी संरक्षण में हुआ संगठित घोटाला बताते हुए सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों पर जोरदार हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि चूहे-दीमक का बहाना बनाकर किसानों के पसीने की कमाई को दबाने की कोशिश की जा रही है।
आप नेता मोहन चक्रधारी ने कहा कि संग्रहण केंद्रों से हजारों क्विंटल धान का गायब होना साधारण लापरवाही नहीं बल्कि खुला भ्रष्टाचार है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर धान वास्तव में खराब हुआ तो फर्जी आवक-जावक, फर्जी बिल और सीसीटीवी से छेड़छाड़ क्यों की गई। यह सब इस बात का संकेत है कि घोटाले को सुनियोजित तरीके से छुपाया गया। उन्होंने कहा कि 2 प्रतिशत से अधिक धान की कमी पर सीधा निलंबन और एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने पहले चुप्पी साधी और अब सूखत व चूहे का तर्क देकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने के लिए बयान बदलवाए जा रहे हैं। आप नेता ने जिला विपणन अधिकारी के बयान को भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि इससे साफ होता है कि प्रशासन खुद भ्रम फैलाकर सच्चाई से ध्यान भटकाना चाहता है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए और बड़े अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। उन्होंने कहा कि मामले में दोषियों पर एफआईआर दर्ज की जाए, सभी जिम्मेदार अधिकारियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो, धान घोटाले में शामिल लोगों से रिकवरी की जाए और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की जाए। मोहन चक्रधारी ने चेतावनी दी कि यदि मामले में लीपापोती की कोशिश की गई तो आम आदमी पार्टी सडक़ से लेकर प्रशासनिक स्तर तक जन आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ धान की चोरी नहीं, बल्कि किसानों के हक और भरोसे की चोरी है, जिसे आम आदमी पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।


