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राधाकृष्ण मंदिर में शताब्दी महोत्सव: धर्म ध्वजा फहरा विष्णु महायज्ञ शुरू
25-Nov-2025 9:13 PM
राधाकृष्ण मंदिर में शताब्दी महोत्सव: धर्म ध्वजा फहरा विष्णु महायज्ञ शुरू

 त्रिवेणी तट से यज्ञशाला तक गूंजी जय-जयकार, नगर में बिखरी वैदिक ऊर्जा और दिव्यता
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
नवापारा-राजिम, 25 नवंबर।
राधाकृष्ण मंदिर परिसर में चल रहे शताब्दी महोत्सव का सोमवार को अत्यंत दिव्य और भव्य आगाज हुआ। यज्ञ शाला के शीर्ष पर धर्म ध्वजा फहराए जाने के साथ ही विशाल विष्णु महायज्ञ की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धा के साथ संपन्न हुई।

त्रिवेणी संगम से मंगल जल लाने के लिए 72 सुहागिनें पहुंचना था, लेकिन नगर में उत्साह इतना अधिक रहा कि सैकड़ों महिलाएं लाल और पीली साडिय़ों में सोलह श्रृंगार कर स्वयं ही शामिल हो गईं। एक-दूसरे के चरणों में आलता लगाने का भावनात्मक दृश्य श्रद्धालुओं को अभिभूत कर गया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर ब्राह्मण मंडल और मंदिर समिति सहित भक्तों की लंबी कतार त्रिवेणी संगम की ओर प्रस्थान कर गई।
गाजे-बाजे के साथ लौटी कलश यात्रा
संगम तट पर 21 ब्राह्मणों ने शुभ चौघडिय़ा देखकर मां गंगा का पूजन किया और मंत्रोच्चार के बीच जल भरने की वैदिक प्रक्रिया सम्पन्न हुई। एक ओर राजीव लोचन मंदिर और दूसरी ओर कुलेश्वर महादेव मंदिर की आभा इस दृश्य को और भी दिव्य बना रही थी। संगम से जल भरकर वापसी के दौरान कलश यात्रा में शामिल महिलाएं गगनभेदी जयकारों के साथ आगे बढ़ती रहीं। हर जाति और वर्ग के लोग सेवा के लिए तत्पर दिखाई दिए। यज्ञ स्थल पर पहुंचकर परिक्रमा की गई और यज्ञ यजमान नयन-निधि अग्रवाल एवं प्रतीक-पूजा अग्रवाल का वैदिक विधि से पूजन कराया गया।
यज्ञशाला में दिव्यता और वैदिक व्यवस्था
कड़क ठंड के बावजूद यजमान परिवार ने वैदिक नियमों का पालन करते हुए यज्ञशाला में प्रवेश किया। यज्ञ स्थल के समीप ही कामधेनु स्वरूप गौमाता के दर्शन श्रद्धालुओं का आकर्षण बने रहे। यज्ञशाला का विशाल और सुसज्जित प्रांगण दिव्यता से परिपूर्ण दिख रहा था।
हजारों आहुतियों से महकेगा वातावरण
यज्ञ में प्रतिदिन हजारों आहुतियां शुद्ध घी के साथ दी जाएंगी, जिससे वातावरण में एक अद्भुत, आत्मिक और सुगंधित शांति फैलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस विष्णु महायज्ञ के दर्शन मात्र से पाप कटते हैं और घर-परिवार में खुशहाली आती है।
सेठ रेखराज चतुर्भुज अग्रवाल के वंशजों द्वारा किए जा रहे इस आयोजन को श्रद्धालुओं ने ऐतिहासिक बताया। मंदिर ट्रस्ट के सर्वराकार मोहनलाल, ट्रस्टी गोपाल, गिरधारी अग्रवाल एवं समस्त ट्रस्ट सदस्यों ने नगर और अंचल का मान बढ़ाया है। लोगों का कहना है कि यह आयोजन इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होगा।
नगर में उत्सव जैसा माहौल
विशाल विष्णु महायज्ञ प्रतिदिन सुबह 7.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक चलेगा। इसके अलावा 28 नवंबर से उज्जैन, वृंदावन और दिल्ली से आई धार्मिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला भी आरंभ होगी। मंदिर परिसर को झंडों, बैनर, फ्लेक्स, झालर लाइट और तोरण द्वार से भव्य रूप से सजाया गया है। नगर भी पूर्णत: सुसज्जित है। वातावरण में भक्ति और उल्लास का ऐसा रंग घुला है कि पूरा क्षेत्र मानो वृंदावन धाम का स्वरूप धारण कर चुका हो।


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