संपादकीय
ट्रम्प की कमीनगी पर अधिक लिखने को कुछ बचा नहीं है क्योंकि वह अमरीकी की सारी फौजी और कारोबारी ताकत को लेकर दुनिया को जिस तरह रौंद रहा है, उसका कोई इलाज फिलहाल तब तक नहीं दिख रहा, जब तक कि रूस और चीन दोनों एक साथ मिलकर अमरीकी फौज का सामना करने के लिए खड़े हों, और योरप चुपचाप बैठकर तमाशा देखता रहे। ऐसी कोई नौबत आ जाए तो हमें हैरानी नहीं होगी, क्योंकि जब योरप के भीतर के स्पेन और फ्रांस जैसे देश ट्रम्प को आईना दिखा रहे हैं, इजराइल के मुजरिम प्रधानमंत्री नेतन्याहू की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, और इजराइल के हर तरह के बहिष्कार की मांग कर रहे हैं, तब रूस और चीन मिलकर अगर अमरीका की फौजी गुंडागर्दी के मुकाबले उतरते हैं, तो यह सच्चे मायनों में एक विश्वयुद्ध हो जाएगा, और ट्रम्प ने कोई कसर तो छोड़ी नहीं है, अमरीका को बर्बाद करने की। दूसरी तरफ अमरीकी संसद को आज भी अगर इस बेदिमाग को ढोने से परहेज नहीं हो रहा है, तो फिर अमरीका इसी मवाली की हुकूमत का हकदार है।
लेकिन दुनिया भर के लोग अमरीकी गुंडागर्दी के मुकाबले अब सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें उठा रहे हैं। अभी जब ट्रम्प ने ईरान को तबाह करने के लिए नाटो देशों से मदद मांगी, और उन्होंने ट्रम्प की इस निजी जंग को नाटो के नीति-सिद्धांत से परे का बताते हुए इसमें शामिल होने से इंकार कर दिया, तो ट्रम्प ने और कई देशों को पहले फतवा जारी किया कि वे आकर जंग में शामिल हों, और फिर उन्हें कोसना शुरू किया। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर जो लिखा है, उसे हम खुलासे से यहां पेश कर रहे हैं कि यह होता है दुनिया के सबसे बड़े मवाली के मुंह पर उसे उसकी हकीकत और औकात दिखाना।
इस आदमी ने ट्रम्प को लिखा है- तुम एक ऐसे देश को चला रहे हो जहां आज रात छह लाख से ज्यादा लोग सडक़ों पर सो रहे हैं। तुम एक ऐसे देश के मुखिया हो जहां 40 फीसदी आबादी को 400 डॉलर का भी इलाज का इमरजेंसी खर्च निकालने के लिए कर्ज लेना पड़ता है, जहां इंसुलिन की एक एम्पुल की कीमत कार की ईएमआई से ज्यादा है, और लोग जान बचाने के लिए दवा का तौल-तौलकर ही इस्तेमाल करते हैं। तुम्हारे देश में मेडिकल बिल लोगों के दीवालिया होने का सबसे बड़ा अकेला कारण है। ट्रम्प, तुम्हारे देश में महिलाएं अस्पताल के पार्किंग में मर रही हैं, क्योंकि डॉक्टर गर्भपात कानून से डरकर अनायास गर्भपात से गुजर रही महिला का भी इलाज नहीं कर पा रहे हैं। तुम दुनिया में सबसे ज्यादा अपने ही नागरिकों को जेलों में बंद करते हो, चीन से ज्यादा, रूस से ज्यादा, उत्तर कोरिया से भी ज्यादा। तुम जिसे अपनी स्वतंत्रता की भूमि कहते हो, उसमें 20 लाख लोग सीखचों के पीछे बंद हैं, उनमें से एक चौथाई को अभी तक कोई सजा भी नहीं हो पाई है, और वे इतने गरीब हैं कि जमानत की रकम नहीं भर पा रहे हैं। तुम्हारे लोगों की औसत उम्र घट रही है, जबकि दुनिया के किसी भी और विकसित देश में ऐसा नहीं हो रहा है। तुम्हारी शिशु मृत्यु दर क्यूब से भी बदतर है। तुम्हारे बच्चे गणित और अंग्रेजी के बीच एक्टिव शूटर ड्रील करते हैं, जबकि तुम हथियार बनाने वालों के शेयर अपने दोस्तों को बेच रहे हो। तुम्हारा न्यूनतम वेतन 15 साल से नहीं बढ़ा है। तुम्हारे टीचर जिंदगी का बोझ खींचने के लिए दो-दो नौकरियां कर रहे हैं। तुम्हारे रिटायर्ड फौजी पुलों के नीचे सो रहे हैं। और तुमने एक ऐसे देश को तबाह करने पर एक ट्रिलियन डॉलर खर्च कर दिए जिसने तुम पर कभी हमला भी नहीं किया था। सुनो ट्रम्प, अब तुम्हारे देश को मुजरिम ठहराया जा चुका एक आदमी, बलात्कारी, बच्चों का यौन शोषण करने वालों का संरक्षण, पोर्न स्टार के साथ सोने वाला, और अपने ही लोकतंत्र और संसद के खिलाफ बगावत करने वाला शख्स चला रहा है। और यह आदमी तालिबान के बाद सबसे बड़ी हार का रिकॉर्ड बना चुका है। और तुम्हारी यह हिम्मत है कि तुम ग्रीनलैंड को बुरी तरह चलाया जा रहा देश कह रहे हो! ग्रीनलैंड में हर नागरिक के लिए पूरी तरह मुफ्त इलाज है, पूरी तरह मुफ्त शिक्षा है, वहां जेलों में आबादी का प्रतिशत दुनिया में सबसे कम है। वहां बीमार पडऩे से कोई दीवालिया नहीं होता, कोई अस्पताल के वेटिंग हॉल में इसलिए नहीं मरता कि उसकी बीमा कंपनी ने इलाज के दावे से मना कर दिया। और सुनो ट्रम्प, जब हमें जरूरत थी तब नाटो हमारे साथ नहीं था, ऐसा कहते हुए तुम्हें कुछ लगा नहीं? नाटो ने अपने पूरे इतिहास में पहली और आखिरी बार आर्टिकल-5 लागू किया था, सिर्फ तुम्हारे लिए। दुनिया के दर्जनों देशों के सैनिक अफगानिस्तान में तुम्हारे लिए लड़े, खून बहाया, और मरे। ऑस्ट्रेलिया तो नाटो में था ही नहीं, फिर भी हम 20 साल तक तुम्हारे साथ खड़े रहे। और तुम, तुम तो रात के दो बजे बिना किसी बताए वहां से भाग गए, और हमें वहां की खतरनाक गड़बड़ी साफ करने के लिए छोड़ दिया। इसलिए दूसरों को बुरी तरह चलाया गया कहने के पहले अपने आंगन की ओर तो देख लो! इन दिनों दुनिया में सबसे बुरी तरह चल रही चीज तुम्हारा मुंह है।
अब ऑस्ट्रेलिया के लिखे हुए इस आदमी (और हो सकता है कि कोई औरत भी) ने जिन बातों को उठाया है, उन सबको अनदेखा करना, और नकार देना ट्रम्प की एक सबसे बड़ी खूबी है। खामियों के इस पुतले के भीतर भी पसंदीदा तथ्यों को देखना, और बाकी को अनदेखा करना, इसकी अपार क्षमता कूट-कूटकर भरी हुई है। इसने इजराइल के उकसावे में आकर ईरान पर हमला किया, और आधी सदी से इजराइल परले दर्जे के किसी अक्ल से खाली, और जंगखोर इरादों से भरे अमरीकी राष्ट्रपति को पाने की कोशिश कर रहा था, उसकी वह मेहनत और तलाश ट्रम्प में पूरी हुई। इस ट्रम्प ने अभी भी दुनिया को बर्बाद करना जारी रखा है, और अमरीका ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद से पिछली पौन सदी से अधिक के वक्त में धीरे-धीरे करके जो एक विश्व व्यवस्था विकसित की थी, वह इस मवाली ने कुछ महीनों के भीतर ही खत्म कर दी। आज अमरीका के पास इजराइल के अलावा एक भी दोस्त नहीं बचा है, और यह इजराइल भी गब्बर के दम पर उछलने वाले कालिया की तरह का है, जो कि गब्बर को बचा नहीं सकता, उसका नाम लेकर लूटपाट जरूर कर सकता है। अमरीका नैतिक रूप से खोखला, रणनीतिक रूप से अकेला, आर्थिक रूप से दीवालिया, और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में परले दर्ज का अविश्वसनीय हो चुका है, और ट्रम्प को अगर अमरीकी संसद, या उसका खुद का मंत्रिमंडल किसी तरह से हटा नहीं पाए, तो वह दुनिया को तीसरे विश्वयुद्ध की तरफ, परमाणु युद्ध की तरफ धकेल रहा है। वह शायद चीजों को समझने की दिमागी हालत में भी नहीं बचा है, और ऐसे में परमाणु बम का बटन उसके हाथ में छोडक़र अमरीका ने पूरी दुनिया को खतरे में डाल दिया है। यह पल अमरीका के अपने अस्तित्व को बचाने से कहीं आगे बढक़र पूरी दुनिया को बचाने का है, और अमरीकी मंत्रिमंडल, और संसद इस बेदिमाग तानाशाह को किसी भी तरह काबू में नहीं ला पा रहे हैं। इससे अमरीकी लोकतांत्रिक-संवैधानिक व्यवस्था की बुनियादी कमजोरी पहली बार इस तरह खुलकर सामने आई है, और मानो एम्पायर स्टेट बिल्डिंग की छत पर चढक़र जोर-जोर से चीखकर अपनी ताकत बता रही है। अमरीका ने दुनिया भर में जिन दसियों लाख बेकसूर लोगों को फौजी हमलों में मारा है, उन सबकी आह आज अमरीका को इस हद तक तबाह कर रही है, लेकिन अमरीका के राष्ट्रपति की ताकत का इस्तेमाल करते हुए ट्रम्प आज पूरी दुनिया को तबाह कर रहा है।


