संपादकीय

‘छत्तीसगढ़’ का संपादकीय : एक ज्योतिषी टला नहीं कि जैन मुनि के वीडियो आए..
सुनील कुमार ने लिखा है
01-Apr-2026 5:01 PM
‘छत्तीसगढ़’ का  संपादकीय : एक ज्योतिषी टला नहीं कि जैन मुनि के वीडियो आए..

अभी महाराष्ट्र के नासिक में पकड़ाए एक तथाकथित आध्यात्मिक गुरू, और ज्योतिषी के सेक्स-वीडियो से सोशल मीडिया पटा हुआ है। ऐसा लगता है कि पिछले हफ्ते-दस दिन से हर दिन इस पर हर वह व्यक्ति रील बना रहे हैं, जिनके पास एक मोबाइल फोन है, मुंह है, आवाज है, और इस बाबा, अशोक खरात की कोई भी वीडियो क्लिप है। लोग आधे हिस्से में इसकी वीडियो क्लिप लगाकर आधे हिस्से में अपना चेहरा दिखाकर, सनसनीखेज सुर्खी लगाकर दर्शक बटोर रहे हैं। लेकिन यह केस है तो पूरी तरह हकीकत। उसके पास पहुंचने वाली महिलाओं को वह उनके पति को लेकर कई तरह से डराता था, खतरा टालने का कोई ऐसा तरीका सुझाता था जिसे वह यौन पूजा कहता था, और इस तरह उन महिलाओं का या तो सिलसिलेवार, लगातार यौन शोषण करता था, अपने ही सीसीटीवी कैमरों पर रिकॉर्ड करता था, और फिर उन्हें ब्लैकमेल करके यौन शोषण को बढ़ाता था, या उगाही भी करता था। इसके पास से कोई डेढ़ सौ करोड़ की दौलत भी मिली है।

इस पर लिखने को नया बहुत कुछ नहीं रहता, अगर आज सुबह सूरत की एक और खबर बहुत सारे वीडियो और ऑडियो के साथ नहीं आई रहती। वहां एक जैन मुनि के ऑडियो-वीडियो से गुजरात उबल रहा है, जिसमें एक महिला के साथ इस जैन मुनि के सेक्स का नजारा है, इसके अलावा उसके कुछ टेलीफोन कॉल भी है जो इस, या ऐसी ही किसी दूसरी महिला, या लडक़ी से फोटो-वीडियो की ही बात करते हुए है। यह आरोप किसी विरोधी ने नहीं लगाया है, यह गुजरात में जैन समाज की महिलाओं ने ही जाकर पुलिस को दिया है कि एक जैन मुनि के ऐसे वीडियो-ऑडियो से पूरे समाज की बदनामी हो रही है, धर्म पर आंच आ रही है, और इस मुनि को सन्यासी चोले से बाहर निकालकर सांसारिक कपड़े पहनाए जाएं। लोगों को याद होगा कि अभी कुछ महीने पहले ही एक दूसरे जैन मुनि को बलात्कार में दस साल की कठोर कैद हुई है। इसने 2017 में अपनी एक 19 वर्षीय छात्रा-अनुयायी को दीक्षा देने, और शुद्धिकरण के बहाने से एक कमरे में बुलाकर बलात्कार किया था, और डराया था कि अगर यह बात किसी को बताई तो उसके परिवार पर दैवीय प्रकोप होगा। इस छात्रा के हौसले से डटे रहने, और मेडिकल सुबूतों के आधार पर इस मुनि को उम्रकैद हुई, बाद में उसे दस साल की कड़ी कैद में बदला गया। एक और मामला हरिद्वार और दिल्ली के पास का था जिसमें एक जैन मुनि एक छात्रा के साथ आपत्तिजनक यौन मुद्रा में दिख रहा था, बाद में वह फरार भी हो गया था, और समाज की पंचायत ने उसे सन्यास से हटा दिया था। देश का इतिहास हर कुछ महीनों में धर्म, आध्यात्म, या योग से जुड़े हुए ऐसे किसी बलात्कारी की खबरों को दर्ज करता है। केरल-तमिलनाडु की सीमा पर आश्रम चलाने वाले स्वामी प्रेमानंद पर 13 लड़कियों से बलात्कार, एक पुरूष की हत्या का आरोप साबित हुआ था, और सुप्रीम कोर्ट तक ने उसकी दोहरी उम्रकैद को बरकरार रखा था। भारत के कई टीवी चैनलों के दिल के टुकड़े, दिल्ली और राजस्थान के पाली में विशाल आश्रम चलाने वाले दाती महाराज नाम के अजीब हुलिए वाले एक धार्मिक चोगाधारी पर उसकी ही शिष्या ने सालों तक बलात्कार का आरोप लगाया था, और मामला सीबीआई तक गया था। दिल्ली के एक आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के वीरेन्द्र देव दीक्षित के आश्रम से 2017 में सौ से अधिक लड़कियों, और महिलाओं को लोहे के पिंजरों से निकाला गया था। यह दीक्षित खुद को कृष्ण का अवतार बताता था, और लड़कियों को गोपियां बनाने के नाम पर नशा देता था, और उनका यौन शोषण करता था। अब 8 सालों से वह फरार है, और सीबीआई उसे दुनिया भर में ढूंढ रही है। फिर आसाराम नाम के एक बलात्कारी के नाम को भला देश में अब कौन नहीं जानते? इससे परे राम-रहीम नाम का एक दूसरा बाबा जेल काटकर अभी शायद बाहर निकला हुआ है।

भारत में ही नहीं, दूसरों देशों में भी जो हिन्दुस्तानी योग, ध्यान, आध्यात्म जैसे धंधों में लगे हुए हैं, उन पर समय-समय पर जुर्म दर्ज होते रहे हैं। भारत के विदेशों में सबसे अधिक चर्चित इस दर्जे के आचार्य रजनीश, बाद में स्वघोषित ओशो, पर भी कितने तरह के मामले चले, और बाद में अमरीका से निकाल दिया गया। योग सिखाने वाले एक विक्रम चौधरी पर अमरीका में 6 पूर्व शिष्याओं ने बलात्कार के मुकदमे दर्ज कराए, अमरीकी अदालत ने उस पर करीब 58 करोड़ रूपए का जुर्माना लगाया, वह अमरीका छोडक़र भाग गया, और उसकी सारी सम्पत्तियां जब्त कर ली गई हैं। लेकिन ऐसे मामलों की लिस्ट हम जब तक गिनाते रहेंगे, तब तक तो ऐसे एक-दो और मामले भी आ जाएंगे। आखिर यह नौबत आती क्यों है, इसे समझने की जरूरत है।

ऐसे स्वामी, बाबा, ब्रम्हचारी, या सन्यासी, अपने को संत कहने वाले लोग ब्रम्हचारी जीवन जीने का दावा करते हैं, और उन्हें अपनी पसंद के शरीर थोक में हासिल रहते हैं। उनके पास अंधभक्तों की कतार लगी रहती है, जो अपने निजी जिंदगी की किसी निराशा, किसी कमी, किसी मुसीबत से घिरे हुए किसी धार्मिक, आध्यात्मिक, या चमत्कारिक मदद के लिए आते हैं, और फिर अपनी कमजोर मानसिक स्थिति की वजह से ऐसे बाबाओं के चंगुल में फंस जाते हैं। जिन्हें महिला बदन में दिलचस्पी रहती है, उन्हें अंधभक्त महिलाओं का समूह नसीब हो जाता है, और ईसाई चर्चों के जिन पादरियों को छोटे बच्चों से सेक्स में दिलचस्पी रहती है, उन्हें चर्च आने वाले परिवारों के बच्चे मिल जाते हैं, या चर्च की स्कूलों में पढऩे-रहने वाले बच्चों का शोषण करना उनका आम शगल रहता है। ऐसे हजारों मामले सामने आए हैं। कुल मिलाकर बात यह है कि जहां कहीं अंधभक्ति रहती है, वहीं पर इस तरह के शोषण, या सहमति के संबंध बनने का अधिक खतरा रहता है। हम तो नासिक के इस ज्योतिषी के जो दर्जनों अलग-अलग महिलाओं के साथ वीडियो अभी तक देख चुके हैं, उनमें से कोई भी महिला कम से कम उस रिकॉर्डिंग में जबर्दस्ती का शिकार नहीं दिख रही है, बहुत सारा काम तो उनकी सहमति से हो रहा है, उनकी दिलचस्पी से भी होते दिख रहा है। अब इसके पीछे हो सकता है कि कोई चमत्कारिक वायदे भी हों, या पहले की रिकॉर्डिंग के बाद की ब्लैकमेलिंग भी हो। लेकिन इन वीडियो में बड़े संपन्न और ताकतवर घरानों की महिलाओं के होने का जिक्र है, कुछ महिलाएं तो अपने दम पर बड़े ताकत के ओहदों पर थीं, और उन्हें बलपूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा था, ऐसा नहीं दिखता है।

अंधश्रद्धा चाहे वह किसी टोटके को लेकर हो, तंत्र-मंत्र, ताबीज, रत्न, महूरत को लेकर हो, किसी बाबा या बॉबी को लेकर हो, जिसे भी लेकर अंधश्रद्धा रहती है, वह अमूमन गड्ढे में ले जाकर गिराती है। यह सिलसिला किसी कानून या पुलिस से नहीं टूट सकता, क्योंकि ये सारी महिलाएं, या ऐसे सारे परिवार तो अपनी मर्जी से ही वहां तक पहुंचते हैं। फिर हो सकता है कि एक फंसी हुई भक्तिन दूसरी भक्तिनों को लाने के काम में लगा दी जाए। जो भी हो, अपनी आस्था को अंधविश्वास में न बदलने दें, और किसी भी आस्था-केन्द्र को आपके तन, मन, धन को लूटने न दें। कई मामलों में ऐसी लूट के वीडियो बाकी पूरी जिंदगी के लिए ब्लैकमेलिंग का सामान बन जाते हैं, और आखिर में जाकर कई लोगों के सामने खुदकुशी अकेला रास्ता बचती है।

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