दुर्ग

शाला प्रवेश उत्सव के साथ 16 से ही खुलेंगे स्कूल
14-Jun-2026 10:21 PM
शाला प्रवेश उत्सव के साथ 16 से ही खुलेंगे स्कूल


‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 14 जून।
 शाला प्रवेश उत्सव के साथ 16 जून से ही स्कूल खुलेंगे। गर्मी के मौसम को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल खुलने की तिथि को आगे बढ़ाने विचार किया जा रहा था। स्कूल शिक्षा विभाग के दिशा निर्देश के बाद अब इस संशय पर पूर्ण विराम लग गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी को दिए निर्देश में कहा गया है कि शाला प्रवेश उत्सव का जोर-शोर से एवं व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा यथासंभव बैनर-पोस्टर लगाया जाए, रैली निकाली जाए। गांवों में तथा शहरी वार्डों में मुनादी कराई जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं शाला विकास समिति एवं पालकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाए। शाला प्रारंभ होने के पूर्व शाला भवन/ परिसर/ अध्यापन कक्षों की साफ-सफाई एवं मरम्मत कर ली जाए। शाला को आकर्षक एवं परिसर में प्रिन्ट-रिच वातावरण बनाया जाए। मरम्मत योग्य भवनों की मरम्मत 15 जून तक पूर्ण कर ली जाए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप छत्तीसगढ़ शासन की स्पष्ट मंशा है कि छात्र-छात्राओं को स्वच्छ व सुन्दर वातावरण में गुणवत्तायुक्त शिक्षा दी जाए। स्कूल शिक्षा विभाग इस दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। शाला/ संकुल/ ब्लॉक/ जिला स्तर पर शाला प्रवेश उत्सव मनाया जाए ताकि सत्र के प्रारंभ से ही अध्ययन-अध्यापन के लिए बेहतर माहौल तैयार हो सकें, इसके लिए जिला स्तर पर आवश्यक रूपरेखा तैयार कर ली जाए। विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजी पहले से ही संधारित कर ली जाए।
कक्षा पहली के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र से बच्चों की सूची प्राप्त करें तथा इसी प्रकार कक्षा 5वीं उत्तीर्ण होने वाले बच्चों की सूची एवं टी.सी. प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला से प्राप्त कर कक्षा छठवीं में प्रवेश की कार्यवाही की जाए। शाला त्यागी बच्चों को प्रेरित कर पुन: शाला की मुख्य धारा में जोड़े। ध्यान रखें यह वास्तविक होना चाहिए। शाला प्रारंभ होने से पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी/विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों की लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे, चाहे तो इसके लिए जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर शिविर लगाया जा सकता है। कक्षा शिक्षक/विषय शिक्षक अध्यापन संबंधी आगामी तीन महीने का रोडमैप तैयार करेंगे। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की शत्-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक, नि:शुल्क गणवेश, सायकल का वितरण पात्र हितग्राहियों को किया जाना। बोर्ड परीक्षा/स्थानीय परीक्षा में मेधावी अंक प्राप्त करने वाले बच्चों को सम्मानित करना। नन्हें-मुन्हें नवप्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर अभिनंदन करना। शाला परिवार के द्वारा उत्कृष्ट पालकों का सम्मान करना।
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