दुर्ग

नपा पीआईसी की बैठक से सदस्य गायब, अकेले बैठे रहे अध्यक्ष-उपाध्यक्ष
13-Jun-2026 3:54 PM
नपा पीआईसी की बैठक से सदस्य गायब, अकेले बैठे रहे अध्यक्ष-उपाध्यक्ष

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुम्हारी, 13 जून।  नगर पालिका कुम्हारी में शुक्रवार को एक गंभीर मामला सामने आया  शहर के विकास, साफ-सफाई और करोड़ों रुपये के प्रस्तावों पर मुहर लगाने के लिए बुलाई गई प्रेसीडेंट इन काउंसिल की  अहम बैठक से सारे सदस्य गायब रहे। वजह पार्षदों और पीआईसी सदस्यों की सामूहिक उदासीनता या नाराजगी कुछ भी स्पष्ट नही है। इस  बैठक में जनता की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए केवल नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ही अपनी कुर्सियों पर मुस्तैद दिखे। इतने अहम बैठक में सदस्यों की सामूहिक अनुपस्थिति कहीं न कहीं एक सवाल पैदा करती है। इस बात को लेकर जहां विपक्ष सत्ता पक्ष पर हमलावर नजर आया वहीं आम जनता की समस्याओं के साथ भी यह सही नहीं है।

आगामी मानसून को देखते हुए शहर में जलभराव की समस्या, वार्डों की साफ-सफाई और बुनियादी विकास कार्यों को लेकर इस बैठक में कई बड़े फैसले होने थे। लेकिन पीआईसी सदस्यों के इस रवैये के कारण पूरी बैठक ठप हो गई। सवाल यह उठ रहा है कि क्या चुनकर आए जनप्रतिधियों के लिए शहर का विकास और जनता की परेशानियां कोई मायने नहीं रखतीं?

इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर कड़ा रुख अपनाते हुए नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने संयुक्त बयान में कहा यह अनुपस्थिति सिर्फ एक बैठक का छूटना नहीं है, बल्कि स्थानीय जनता के साथ असंवेदनशील रवैया भी है। जब शहर को विकास कार्यों की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब सदस्यों का इस तरह गायब रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन जनता के काम रोकना भी सही नहीं है।

इस घटना के बाद शहर के सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर क्यों सदस्यों ने बैठक से दूरी बना ली।

नपा अध्यक्ष मीना वर्मा ने कहा इस अहम बैठक में सदस्य क्यों उपस्थित नही हुए इसकी कोई जानकारी मुझे नहीं है। हमने यथा समय बैठक आयोजित की थी अगर कोई शिकायत होती तो चर्चा कर समाधान निकाला जा सकता था। अब आगामी बैठक में इसपर बात होगी। फिलहाल सदस्यों की अनुपस्थिति का कोई कारण मुझे ज्ञात नही है।

नपा उपाध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत कहा पीआईसी की यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण थी। आगामी बारिश को देखते हुए नगर के लिए कई अहम फैसले होने थे साथ ही विकास कार्यों की स्वीकृति भी होनी थी ऐसे अहम बैठक में सदस्यों की अनुपस्थिति यह साबित करती है कि वे कितने गैर जिम्मेदार हैं इन्हें नगर में विकास के कार्यों से कोई लेना देना नहीं है। आपके आपसी मतभेद और दिक्कतें आपकी अपनी व्यक्तिगत हैं इससे आम जनता का क्या लेना देना। जो भी हुआ वह दुर्भाग्यजनक है ऐसा नही होना चाहिए था।


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