दुर्ग

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम का पालन करना होगा अनिवार्य
11-Jun-2026 5:40 PM
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम का पालन करना होगा अनिवार्य

उल्लंघन पर बिजली व पानी की सुविधा हो सकती है बंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 11 जून।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत भारत सरकार एवं सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लागू किए गए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत नगर निगम क्षेत्र के सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों  के लिए नियमों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन संस्थानों, आवासीय परिसरों, होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, छात्रावास, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों एवं अन्य बड़े परिसरों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है, उन्हें अपने परिसर में उत्पन्न गीले (जैविक) कचरे का वैज्ञानिक प्रसंस्करण एवं निपटान स्वयं परिसर के भीतर ही करना होगा। इसके लिए कम्पोस्टिंग, बायोगैस, बायो-मीथनेशन अथवा अन्य स्वीकृत तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना होगा तथा समय-समय पर आवश्यक जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। साथ ही स्रोत पर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करना भी अनिवार्य रहेगा।

नगर निगम द्वारा बताया गया कि नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। निगम की टीमों द्वारा विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण कर नियमों के पालन की समीक्षा की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्था को नोटिस जारी किया जाएगा तथा निर्धारित समयावधि में सुधार नहीं करने पर जुर्माना, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लगातार नियमों की अवहेलना करने वाले थोक अपशिष्ट उत्पादकों के विरुद्ध बिजली एवं जल प्रदाय सेवाओं को बंद करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अतिरिक्त संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु अनुशंसा भी भेजी जाएगी।

नगर निगम ने सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण एवं शहर की स्वच्छता में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए नियमों का पालन सुनिश्चित करें। गीले कचरे का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण करने से न केवल लैंडफिल पर भार कम होगा, बल्कि जैविक खाद एवं ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे शहर को स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वच्छ एवं सतत् शहर निर्माण के लिए सभी संस्थानों का सहयोग आवश्यक है तथा नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।


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