दुर्ग

युवती की मौत, प्रशासन सख्त, 4 डॉक्टरों सहित 9 स्वास्थ्यकर्मियों को नोटिस
10-Jun-2026 9:42 PM
युवती की मौत, प्रशासन सख्त, 4 डॉक्टरों सहित 9 स्वास्थ्यकर्मियों को नोटिस

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

भिलाई नगर, 10 जून। दुर्ग जिला अस्पताल में सिकलसेल एनीमिया से पीड़ित 20 वर्षीय युवती की उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर चार डॉक्टरों समेत कुल नौ स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी संबंधित कर्मचारियों को दो दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि सिकलसेल एनीमिया से पीड़ित दीपिका गाड़ा (20 वर्ष) को गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय दुर्ग में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान डॉक्टरों ने रक्त की आवश्यकता बताई थी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि समय पर पर्याप्त रक्त उपलब्ध नहीं हो सका। इसके चलते इलाज में देरी हुई और युवती की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। बाद में उपचार के दौरान दीपिका की मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

जांच रिपोर्ट के बाद जारी हुए नोटिस

मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन ने जांच कराई। जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर कलेक्टर के निर्देश पर नौ स्वास्थ्यकर्मियों को नोटिस जारी किया गया है।

सिविल सर्जन डॉ. आशीष मिंज, डॉ. शनि, डॉ. वृंदा, डॉ. निखिल अग्रवाल सहित तीन स्टाफ नर्स और दो लैब टेक्नीशियन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने सभी से निर्धारित समय सीमा में जवाब मांगा है।

रक्त नहीं मिलने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि मरीज को तत्काल रक्त की आवश्यकता थी, लेकिन समय पर पर्याप्त रक्त उपलब्ध नहीं कराया जा सका। यही कारण युवती की मौत का प्रमुख कारण बना। हालांकि प्रशासनिक जांच में सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया जारी है।

अस्पताल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस घटना के बाद जिला अस्पताल की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, ब्लड मैनेजमेंट सिस्टम और मरीजों के उपचार प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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