दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुम्हारी, 20 मई। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के हालिया दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत पालन हेतु नगर निकाय कार्यालय में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में नगरीय निकाय के अध्यक्ष मीना वर्मा, मुख्य नगरपालिका अधिकारी नेतराम चंद्राकर, समस्त वार्ड पार्षदगण, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गौरव केशरवानी एवं स्वच्छता से जुड़े अधिकारी कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश क्रमांक 6147/2023 के तहत अब वार्ड पार्षद केवल जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि अपने वार्ड में स्रोत पर ही कचरा पृथक्करण शिक्षा के लिए मुख्य वैधानिक उत्तरदायी यानी नामित किए गए हैं। प्रत्येक वार्ड में पार्षद की अध्यक्षता में वार्ड स्वच्छता समिति का गठन किया जा रहा है, जिसमें स्वच्छता पर्यवेक्षक, महिला स्वसहायता समूह और स्थानीय व्यापारी संघ के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
अब घर-घर में रखने होंगे
4 रंगीन डस्टबिन
एडब्लयूएम नियम, 2026 के तहत अब नगर के सभी नागरिकों को अपने घरों और दुकानों में मिश्रित कचरा रखने की अनुमति नहीं होगी। अब प्रत्येक परिवार को अनिवार्य रूप से 4 अलग-अलग रंग के डिब्बों में कचरा बांटना होगा जिनमे हरा डिब्बा रसोई का गीला कचरा, नीला डिब्बा प्लास्टिक, कागज, कांच जैसे सूखा कचरा लाल डिब्बा स्वास्थ्यकर अपशिष्ट जैसे डायपर, सैनिटरी नैपकिन इत्यादि और बैंगनी डिब्बा विशेष देखभाल अपशिष्ट जैसे दवाइयाँ, इलेक्ट्रॉनिक कचरा, बैटरी) इत्यादि के लिए होंगी।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ढके हुए 4-कम्पार्टमेंट वाले वाहनों से ही कचरा संग्रहण किया जाएगा. नियम तोडऩे वाले और मिश्रित कचरा देने वालों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के सिद्धांत के तहत सख्त आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके अलावा मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने बैठक में जानकारी दी कि नगर के ऐसे संस्थान जो प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा पैदा करते हैं, या जिनका निर्माण क्षेत्र 20 हजार वर्गमीटर से अधिक है जैसे बड़े स्कूल, कॉलेज, व्यावसायिक मॉल, अस्पताल और होटल उन्हें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य डिजिटल पंजीकरण कराना होगा। इन बड़े कचरा उत्पादकों को अपने परिसर के भीतर ही गीले कचरे का ऑन-साइट उपचार कॉपोस्टिंग खाद बनाना अनिवार्य होगा।
शिकायतों के लिए डिजिटल हेल्पलाइन भी चालू किया जाएगा निकाय अध्यक्ष और सीएमओ द्वारा संयुक्त रूप से बताया गया कि कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अब डिजिटल ऑडिट रिपोर्ट और सभी डंपसाइट व रूक्रस्न केंद्रों की जियो-मैपिंग की जा रही है।
नगरवासी अपनी स्वच्छता संबंधी किसी भी शिकायत के लिए राज्य शासन के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर च्निदान 1100ज् तथा आधिकारिक व्हाट्सएप चैट बोट नंबर च्8519009090ज् का उपयोग कर तत्काल समाधान पा सकते हैं।
बैठक के अंत में उपस्थित सभी वार्ड पार्षदों और अधिकारियों-कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में च्स्वच्छता ही सेवाज् (स्॥स्) पोर्टल के माध्यम से जन-भागीदारी (श्रमदान) बढ़ाएंगे, व्यावसायिक क्षेत्रों में दिन में दो बार झाड़ू लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे और नगर को पूरी तरह से सिंगल-यूज प्लास्टिक (स्क्क) मुक्त बनाएंगे। इस सघन अभियान का सीधा उद्देश्य आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण और गारबेज-फ्री सिटी बनाकर स्टार रेटिंग में नगर को सर्वोच्च स्थान दिलाना है।
निकाय प्रशासन ने सभी नगरवासियों से अपील की है कि वे च्स्वच्छता सबकी जिम्मेदारी हैज् के मूल मंत्र को अपनाते हुए इस नए नियम को सफल बनाने में अपना संपूर्ण सहयोग प्रदान करें।


