दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर/उतई, 19 मई। भिलाई में एक बुजुर्ग दंपति की देखभाल के लिए रखी गई केयर टेकर द्वारा अमानत में खयानत (धोखाधड़ी) करने का मामला सामने आया है। आरोपी महिला ने बुजुर्गों के भरोसे का फायदा उठाया और उनके बैंक खाते से रूपये निकाल लिए। इतना ही नहीं सबूत मिटाने के लिए मोबाइल से मैसेज भी डिलीट कर दिया। पीडि़त बेटे की शिकायत पर नेवई थाना पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिय है।
शिकायतकर्ता आशीष शर्मा, जो वर्तमान में मुंबई के गोरेगांव स्थित जेपी मॉर्गन बैंक में ‘फ्रॉड प्रोटेक्शन’ पद पर कार्यरत हैं, ने नेवई थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2021 में उनके पिता केके शर्मा की तबीयत खराब रहने के कारण उन्होंने माता-पिता की देखभाल के लिए रिसाली सेक्टर (भिलाई) निवासी स्मिता बरगटे को बतौर केयर टेकर रखा था।
चूंकि माता-पिता वृद्ध थे और आशीष स्वयं मुंबई में रहते थे, इसलिए उन्होंने आपातकालीन जरूरतों के लिए संयुक्त बैंक खाते का एटीएम कार्ड घर पर ही रखा था। आवश्यकता पडऩे पर पैसे निकालने की जिम्मेदारी स्मिता बरगटे को सौंपी गई थी।
ऐसे खुला धोखाधड़ी का खेल
वर्ष 2025 में बुजुर्ग मां कृष्णा शर्मा ने स्मिता को खाते से 40 हजार निकालने के लिए कहा था। स्मिता ने एटीएम से 50 हजार निकाले, लेकिन घर पर सिर्फ 40 हजार दिए। उसने 10 हजार अपने पास रख लिए।
यूपीआई ट्रांजैक्शन और अवैध निकासी
आरोप है कि स्मिता ने इस संयुक्त खाते को एक अनाधिकृत मोबाइल नंबर से जोडक़र फोन पे के माध्यम से कई अवैध लेन-देन किए। इसके अलावा 19 मई 2025 को खाते से 20 हजार की एक और निकासी की गई।
सबूत मिटाने की कोशिश
पकड़े जाने के डर से आरोपी महिला बुजुर्ग पिता के मोबाइल पर आने वाले बैंक संबंधी एसएमएस को खुद ही डिलीट कर देती थी ताकि परिवार को इन अनधिकृत लेन-देन की भनक न लग सके।
शिकायत के बाद नेवई थाना पुलिस ने आरोपी महिला स्मिता बरगटे के खिलाफ धारा 316(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।


