दुर्ग

सहकारी समिति व खुले बाजार में खाद संकट को लेकर स्पष्ट नीति करने मांग
14-May-2026 4:39 PM
सहकारी समिति व खुले बाजार में खाद संकट को लेकर स्पष्ट नीति करने मांग

सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 14 मई
। पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को दो किस्तों में खाद वितरण एवं प्रति एकड़ यूरिया व डीएपी की मात्रा घटाए जाने को लेकर कृषकों में रोष व्याप्त है मामले में अध्यक्ष कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ रिवेन्द्र यादव के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया इसमें उन्होंने समिति व खुले बाजार में खाद संकट को लेकर स्पष्ट नीति बनाने सहित इससे जुड़ी अन्य मांग रखी है
सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश की पहचान धान के कटोरा के रूप मे रही है वर्तमान में प्रदेश की आर्थिक रीढ़ कृषि खाद संकट से जूझ रहा है सरकार द्वारा ऋणी कृषकों सहकारी एवं अऋणी कृषकों को विभिन्न प्रकार की खाद की बिक्री को लेकर स्पष्ट नीति नहीं होने तथा खाद की समुचित उपलब्धता समय पर नहीं होने से संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा पूर्व की भांति अप्रैल माह में खाद की अग्रिम उठाव व्यवस्था नहीं होने के कारण पूरे किसान समितियों में लाइन लगने एवं अव्यवस्था का शिकार हो खाद के लिए भटक रहे हैं डीएपी जैसे महत्वपूर्ण खाद प्रति एकड़ 25 किलो ग्राम प्रदाय किया जा रहा है जबकि पहले 1 बोरी दिया जाता था इसी प्रकार यूरिया प्रति एकड़ 2 की बजाय 1 बोरी दिया जा रहा है जो सरकार की विफलता को दर्शाता है ऐसी स्थिति में उत्पादन प्रभावित होगा और किसान बर्बाद होंगे।

जल्द मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने मांग किया कि खाद बिक्री की स्पष्ट नीति घोषित हो डीएपी , यूरिया सहित सभी प्रकार के खाद प्रति एकड़ पूर्व में अनुशंसित मात्रा के हिसाब से प्रदाय किया जाय पांच एकड़ से अधिक वाले कृषकों को खाद दो किस्त की बजाय एक किस्त में दिया जाय खाद के साथ दिए जाने वाले गैर जरूरी खाद सामाग्री लादन पर रोक लगाएं, सहकारी समिति की साख सीमा पूर्ववत की तरह नगद व सामाग्री 60 अनुपात 40 के अनुसार किया जावे खुले बाजार में खाद विक्रय की ठोस व्यवस्था हो उन्होंने कहा कि उक्त मांगों पर तत्काल क्रियान्वयन नहीं होने पर सडक़ पर उतर कर धरना प्रदर्शन व आंदोलन किया जावेगा। इस दौरान जनपद उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी, नंद कुमार सेन, विशाल देशमुख , मिलतीन ठाकुर ,कृष्णा देवांगन,  घनश्याम गजपाल,राजेश साहू, देवराज चतुर्वेदी, रोहित साहू, रोशन साहू, तुलसी राम देशमुख, कैलाश सिन्हा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।


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