दुर्ग

भिलाई की बेटी सुष्मिता सिंह बनीं भारतीय वन सेवा अधिकारी, हासिल की 32वीं रैंक
10-May-2026 3:47 PM
भिलाई की बेटी सुष्मिता सिंह बनीं भारतीय वन सेवा अधिकारी, हासिल की 32वीं रैंक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

भिलाई नगर, 10 मई। यूपीएससी ने आईएफएस परीक्षा 2025 की अंतिम चयन सूची जारी कर दी है। देश भर से कुल 148 उम्मीदवारों का चयन किया गया है, जिसमें भिलाई की सुष्मिता सिंह ने 32वीं रैंक हासिल की है।

राजनांदगांव में पली-बढ़ीं और वर्तमान में भिलाई निवासी सुष्मिता सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग की भारतीय वन सेवा परीक्षा 2025 में देश भर में 32वीं रैंक हासिल कर भारतीय वन सेवा में चयन प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से भिलाई सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है।

ज्ञात हो कि सुष्मिता सिंह की प्रारंभिक शिक्षा राजनांदगांव के जेएमजे नवजीवन स्कूल और रॉयल किड्स स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने डीपीएस रिसाली एवं बिलासपुर सहित विभिन्न संस्थानों से पढ़ाई पूरी की। आगे चलकर उन्होंने यूपीईएस देहरादून से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की।

बीटेक के बाद सुष्मिता ने नौकरी भी की, लेकिन यूपीएससी की तैयारी में पूरी तरह जुटने के लिए नौकरी छोड़ दी। लगातार मेहनत, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में यह सफलता हासिल की।

सुष्मिता का परिवार भी वन सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता बीपी सिंह भी भारतीय वन सेवा के अधिकारी रहे हैं, उन्होंने दुर्ग सहित विभिन्न जिलों में वन विभाग में एसडीओ के रूप में सेवाएं दीं और मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए। वर्तमान में वे भिलाई में निवासरत हैं।

अपनी सफलता का श्रेय सुष्मिता ने अपनी मां की प्रेरणा, पिता के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को दिया है। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत, धैर्य और मजबूत इरादे ही सफलता की असली कुंजी हैं। उनकी इस उपलब्धि से भिलाई और छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है।

गौरतलब हो कि सुष्मिता की शैक्षणिक यात्रा काफी दिलचस्प रही है। भिलाई के डीपीएस से उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की। फिर यूपीईएस देहरादून से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की। बीटेक के बाद सुष्मिता ने एक साल तक कॉरपोरेट नौकरी की, लेकिन अफसर बनने के लक्ष्य के लिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया और सिविल सेवा की तैयारी में जुट गईं।

उनका मानना है कि स्टूडेंट्स को 11वीं और 12वीं की एनसीईआरटी की किताबों का पढक़र बेसिक्स मजबूत करें। परीक्षा का पैटर्न समझने के लिए पिछले 10-15 वर्षों के प्रश्नपत्रों को जरूर हल करना चाहिए। करेंट अफेयर्स के लिए किताबें और अखबार पढ़ें और सोशल मीडिया के लेक्चर्स से समझें।


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